Bangladesh News: बांग्लादेश की पूर्व संसद स्पीकर शिरीन शर्मिन चौधरी राजधानी ढाका में गिरफ्तार कर लिया गया है। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच (DB) ने मंगलवार (7 अप्रैल) तड़के शिरीन शर्मिन चौधरी को धनमंडी स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। इस बात की पुष्टि DB प्रमुख शफीकुल इस्लाम ने की है। उन्होंने 'द डेली स्टार' को बताया, "उन्हें गिरफ्तार कर DB कार्यालय ले जाया गया है।"
डिटेक्टिव ब्रांच ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि चौधरी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में जल्द ही डिटेल्स जानकारी मिलने की उम्मीद है। चौधरी की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद पूर्व सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई तेज हो गई है।
शिरीन शर्मिन चौधरी ने अप्रैल 2013 से सितंबर 2024 तक बांग्लादेश की जातीय संसद की पहली महिला स्पीकर के रूप में शानदार काम किया। वह रंगपुर-6 निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य (MP) चुनी गई थीं।
बांग्लादेश संसद की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, शिरीन ने 30 अप्रैल 2013 से लेकर 2 सितंबर, 2024 को अपने इस्तीफे तक बांग्लादेशी संसद के स्पीकर के रूप में कार्य किया। 5 अगस्त, 2024 को अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद पूरे देश में पार्टी नेताओं के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं।
27 अगस्त को जुलाई में हुए विद्रोह के दौरान रंगपुर में एक जौहरी मुस्लिम उद्दीन की मौत के सिलसिले में शिरीन के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, DB ने यह खुलासा नहीं किया है कि उन्हें किस गंभीर मामले में गिरफ्तार किया गया है।
बांग्लादेश के पीएम ने भारतीय राजदूत से की मुलाकात
बांग्लादेश में नई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भारत और ढाका के रिश्तों में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई बांग्लादेश सरकार के साथ दिल्ली ने राजनयिक स्तर पर संबंध सुधारने की पहल की जा रही है। इसी बीच, बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान ने ढाका में सोमवार (6 अप्रैल 2026) को भारतीय राजदूत के साथ एक अहम बैठक की है। तारिक ने कहा इस दौरान भारतीय उच्चायुक्त ने बांग्लादेश के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और जन-केंद्रित संबंधों (जनता से जुड़े) को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
बांग्लादेश में हाल ही में पीएम पद के लिए 13वां आम चुनाव हुआ। इसमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की ऐतिहासिक जीत हुई थी। तारिक रहमान पड़ोशी देश के प्रधानमंत्रीके रूप में शपथ ली थी। नई सरकार भारत और ढाका के आपसी तनातनी को दूर करने का प्रयास कर रही है। अंतरिम सरकार के नेतृत्व में कई हिंदूओं की हत्याएं हुई थी। इससे दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव आ गया था। लेकिन मौजूदा समय में दोनों देश तनाव को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।