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बांग्लादेश ने रूस की मदद से हासिल की एटॉमिक ताकत! इस मामले में भारत-पाकिस्तान की कर ली बराबरी

Bangladesh Nuclear Power: इस $11 बिलियन की लागत वाले प्रोजेक्ट को रूस द्वारा वित्तपोषित किया गया है और तकनीकी सहायता भी रूसी विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही है। इस परियोजना का निर्माण साल 2017 में शुरू हुआ था

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 29, 2026 पर 3:00 PM
बांग्लादेश ने रूस की मदद से हासिल की एटॉमिक ताकत! इस मामले में भारत-पाकिस्तान की कर ली बराबरी
रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र बांग्लादेश की अब तक की सबसे बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना है

Rooppur Nuclear Power Plant: बांग्लादेश ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और बिजली संकट से निपटने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है। मंगलवार को बांग्लादेश के पहले परमाणु ऊर्जा केंद्र, 'रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र' में यूरेनियम ईंधन भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 2,400 मेगावाट की क्षमता वाला यह प्रोजेक्ट न केवल देश के बिजली ग्रिड पर दबाव कम करेगा, बल्कि आधुनिक ऊर्जा क्षेत्र में बांग्लादेश की स्थिति को भी मजबूत करेगा।

ऊर्जा संकट से मिलेगी निजात 

यह संयंत्र बांग्लादेश की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने में गेम-चेंजर साबित होगा। पूर्ण रूप से तैयार होने पर इस प्लांट की कुल क्षमता 2,400 मेगावाट होगी। सरकार के अनुसार, जब यह संयंत्र पूरी तरह चालू होगा, तो यह देश की कुल बिजली मांग का लगभग 10% हिस्सा पूरा कर सकेगा। प्रधानमंत्री के सूचना और प्रसारण सलाहकार जाहेद उर रहमान ने बताया कि इससे लगभग 20 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

रूस के सहयोग से हासिल की उपलब्धि

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