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'दो दिन तक पीटा, भूखा रखा, ने सोने दिया' ऑस्ट्रेलिया के शख्स ने सुनाई चीन की जेल में यातना की पूरी कहानी

उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे डकैती के झूठे कबूलनामे पर साइन करवाए गए, क्योंकि उनसे कहा गया था कि चीन के कानूनी सिस्टम में अपनी बेगुनाही का दावा करना बेकार है, क्योंकि वहां दोषसिद्धि की दर 100% है। अदालती दस्तावेजों से पता चला कि इस कबूलनामे से उसकी सजा को घटाकर चार साल करने में मदद मिली

MoneyControl Newsअपडेटेड May 18, 2025 पर 4:32 PM
'दो दिन तक पीटा, भूखा रखा, ने सोने दिया' ऑस्ट्रेलिया के शख्स ने सुनाई चीन की जेल में यातना की पूरी कहानी
चीन की जेल की यातना, ऑस्ट्रेलिया के कैदी की जुबानी

ऑस्ट्रेलिया के एक शख्स मैथ्यू रडल्ज ने चीन की जेल में लगभग पांच साल बिताने के अपने दर्दनाक अनुभव को साझा किया, जहां उन्होंने अपने कठोर शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दंड, जबरन मजदूरी और दयनीय जीवन के बारे में बताया। रडल्ज पहले बीजिंग में रहते थे। उन्होंने ने दावा किया कि 2020 में एक इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में मोबाइल फोन स्क्रीन की तय कीमत को लेकर दुकानदारों के साथ झगड़े के बाद उन्हें गलत तरीके से दोषी ठहराया गया था।

BBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे डकैती के झूठे कबूलनामे पर साइन करवाए गए, क्योंकि उनसे कहा गया था कि चीन के कानूनी सिस्टम में अपनी बेगुनाही का दावा करना बेकार है, क्योंकि वहां दोषसिद्धि की दर 100% है। अदालती दस्तावेजों से पता चला कि इस कबूलनामे से उसकी सजा को घटाकर चार साल करने में मदद मिली।

जनवरी 2020 में उन्हें बीजिंग नंबर 2 जेल में कैद कर दिया गया, जो इंटरनेशनल कैदियों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली फैसिलिटी है। रडल्ज को एक दर्जन और कैदियों के साथ एक गंदे सेल में रहने को मजबूर होना पड़ा। उन्हें सोने नहीं दिया जाता था। जबरन मजदूरी कराई जाती थी, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ा।

चीन के जेल में कैसा है जीवन?

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