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Benazir Bhutto: बेनजीर और जरदारी की शादी....जब इस रिश्ते ने पाकिस्तान की पूरी राजनीति को हिला कर रख दिया

Benazir Bhutto : शादी के बाद इस जोड़े की राजनीतिक ज़िंदगी में बड़ा बदलाव आया। आसिफ अली ज़रदारी की राजनीति में दिलचस्पी तेजी से बढ़ने लगी। 1988 के चुनावों के बाद उन्होंने नवाज शरीफ को राजनीतिक रूप से चुनौती देने में अहम भूमिका निभाई

Rajat Kumarअपडेटेड Dec 27, 2025 पर 5:50 PM
Benazir Bhutto: बेनजीर और जरदारी की शादी....जब इस रिश्ते ने पाकिस्तान की पूरी राजनीति को हिला कर रख दिया
Benazir Bhutto : 27 दिसंबर 2007 किसी भी मुस्लिम देश की कमान संभालने वाली पहली महिला बेनजीर भुट्टो की मौत हो गई।

तारीख 27 दिसंबर, 2007... जब 15 साल के हमलावर बिलाल ने एक धमाका किया और किसी भी मुस्लिम देश की कमान संभालने वाली पहली महिला बेनजीर भुट्टो की मौत हो गई। उस दौरान बेनजीर, रावलपिंडी में एक चुनावी रैली में अपना भाषण खत्म कर लौट रही थीं। हमलावार ने पहले उन्हें गोली मारी और फिर खुद को उड़ा दिया। बेनजीर की हत्या के 18 साल बीत चुके हैं। बेनजीर भुट्टो की हत्या ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया था। वहीं इस हत्याकांड के करीब 20 साल पहले बेनजीर भुट्टो की शादी ने भी पूरे पाकिस्तान को हैरान कर दिया था।

1987 में हुई थी शादी

18 दिसंबर 1987 को पाकिस्तान में बेनजीर भुट्टो और आसिफ अली जरदारी का निकाह हुआ। इस रिश्ते को बहुत ही असमान्य माना गया था। 29 जुलाई 1987 को भुट्टो परिवार के कुछ सदस्य और करीबी दोस्त लंदन में बेनज़ीर भुट्टो की बहन सनम भुट्टो के अपार्टमेंट में इकट्ठा हुए थे। उस समय परिवार पहले से ही कई मुश्किलों का सामना कर रहा था, लेकिन इसके बावजूद बेगम नुसरत भुट्टो काफी शांत और संयमित नजर आ रही थीं। इस मौके पर आसिफ जरदारी के पिता हाकिम अली जरदारी और उनकी पत्नी भी मौजूद थे। वहां एक फोटोग्राफर भी बुलाया गया था।

बेनजीर के इस ऐलान से हैरान थे लोग

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