'वापस मुड़ो वरना शुरू हो जाएगी फायरिंग...', मशीनगन की नोक पर 'होर्मुज' की नाकेबंदी; अमेरिकी कमांडो ने 27 जहाजों को खदेड़ा

Strait of Hormuz Blockade: CENTCOM की चेतावनी में साफ कहा गया है कि अगर किसी जहाज ने भागने या नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की, तो उसे सैन्य बल के दम पर रुकने के लिए मजबूर किया जाएगा। एक तरफ कल 22 अप्रैल को इस्लामाबाद में जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच शांति वार्ता होनी है, वहीं दूसरी तरफ समंदर में मशीनगन से दी जा रही ये चेतावनियां माहौल को और गरमा रही हैं

अपडेटेड Apr 21, 2026 पर 9:24 AM
Story continues below Advertisement
इस नाकेबंदी ने न केवल ईरान की कमर तोड़ दी है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार में भी हड़कंप मचा दिया है

US Central Command: मिडिल ईस्ट के युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी 'नौसैनिक घेराबंदी' को और सख्त कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा जारी एक हालिया वीडियो ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है, जिसमें अमेरिकी सैनिक मशीनगन तानकर जहाजों को चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। इस नाकेबंदी ने न केवल ईरान की कमर तोड़ दी है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार में भी हड़कंप मचा दिया है।

'वापस मुड़ो वरना होगी फायरिंग'

CENTCOM द्वारा जारी वीडियो में एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर से मशीनगन की नोक पर एक मालवाहक जहाज को घेरे हुए दिखाया गया है। रेडियो पर दी जा रही चेतावनी बेहद सख्त है। 'यह यूनाइटेड स्टेट्स वॉरशिप 115 है। आप एक सैन्य घेराबंदी वाले क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। ईरानी बंदरगाहों की यह नाकेबंदी सभी जहाजों पर लागू होती है, चाहे उनका झंडा कोई भी हो।' चेतावनी में साफ कहा गया है कि अगर किसी जहाज ने भागने या नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की, तो उसे ताकत के दम पर रुकने के लिए मजबूर किया जाएगा।


अब तक 27 जहाजों को 'यू-टर्न' लेने को किया मजबूर

अमेरिकी सेना ने इस बात की पुष्टि की है कि वे किसी भी सूरत में ईरान के बंदरगाहों तक रसद या तेल पहुंचने नहीं दे रहे हैं। CENTCOM के अनुसार, अब तक 27 जहाजों को या तो समुद्र के बीच से वापस मोड़ दिया गया है या उन्हें फिर से ईरानी बंदरगाहों पर लौटने के लिए मजबूर किया गया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उसे 'विजिट एंड सर्च' यानी तलाशी लेने का पूरा अधिकार है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई प्रतिबंधित सामान ईरान न जा सके।

'होर्मुज' में तनाव से तेल की कीमतों में आग

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक कर दिया है। होर्मुज की खाड़ी दुनिया की सबसे व्यस्त तेल सप्लाई लाइन है। ईरान इस रास्ते को बंद करके अमेरिका पर कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। इस नाकेबंदी के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसे ईरान बातचीत की मेज पर एक बड़े 'हथियार' के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

'इस्लामाबाद टॉक 2.0' से पहले बढ़ा दबाव

एक तरफ कल 22 अप्रैल को इस्लामाबाद में जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच शांति वार्ता होनी है, वहीं दूसरी तरफ समंदर में मशीनगन से दी जा रही ये चेतावनियां माहौल को और गरमा रही हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने पहले ही ट्रंप को सलाह दी है कि शांति के लिए इस घेराबंदी में ढील देना जरूरी है। वैसे आर्थिक चोट और नौसैनिक दबाव के बीच ईरान इस समय भारी तनाव में है, जो उसे बातचीत के लिए मजबूर भी कर रहा है और उसके तेवरों को और कड़ा भी बना रहा है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।