चीन ने म्यांमार में स्कैम सेंटर चलाने वाले कुख्यात मिंग परिवार के 11 सदस्यों को फांसी दे दी है। इसके अलावा, 23 अन्य आरोपियों को 5 साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। ये परिवार म्यांमार से हत्या, अवैध हिरासत, धोखाधड़ी और जुए के अड्डे चलाने जैसे अपराधों को अंजाम देता था। म्यांमार के एक ऐसे ही रैकेट में 270 से भी ज्यादा भारतीय फंस चुके हैं। चीनी सरकारी मीडिया सीसीटीवी के अनुसार, झेजियांग प्रांत की एक अदालत ने सितंबर में मिंग परिवार के सदस्यों को इन अपराधों के लिए सजा सुनाई थी।
मिंग परिवार उत्तरी म्यांमार स्थित एक ताकतवर और बदनाम माफिया क्राइम सिंडिकेट था। यह उन कई कबीलों में से एक था जो चीन से लगी म्यांमार सीमा पर स्थित लौकाइंग शहर को चलाते थे। इनकी गतिविधियों की वजह से 14 चीनी नागरिकों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। ये परिवार वेश्यावृत्ती से लेकर ऑनलाइन ठगी और हत्या जैसे संगीन अपराधों को अंजाम देता था। इस गैंग का काम लोगों को इंटरनेट के जरिए फर्जी प्रेम कहानियों में फंसाना था और क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी को अंजाम देता था। ये माफिया गैंग, ये रैकेट चलाने के लिए लोगों को नौकरी का झांसा बुलाता था फिर कैद कर लेता था।
हालांकि, 2023 में उनके स्कैम का यह साम्राज्य तब ढह गया जब म्यांमार के अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार किया और चीन को सौंप दिया। यह ऑपरेशन म्यांमार के सबसे शक्तिशाली सहयोगी बीजिंग के साथ की गई कार्रवाई का हिस्सा था। बीजिंग ने गोल्डन ट्रायंगल (म्यांमार, थाईलैंड और लाओस) में काम करने वाले और चीनी नागरिकों को निशाना बनाने वाले क्रिमिनल नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रण किया है।
पिछले कुछ सालों में हजारों चीनी मजदूर म्यांमार से संचालित स्कैम ऑपरेशन का शिकार बने थे। वे उन लाखों लोगों में से हैं जिन्हें इन कंपाउंड में तस्करी करके लाया गया, जहां उन्हें विदेशों में लोगों को धोखा देने के लिए मजबूर किया जाता है।
काफी समय से, चीन म्यांमार के जुंटा से देश में काम कर रहे स्कैम माफिया पर कार्रवाई करने की मांग कर रहा था। अदालत ने पाया है कि मिंग माफिया के स्कैम ऑपरेशन और जुए के अड्डों से 2015 और 2023 के बीच 10 अरब युआन (1.4 अरब डॉलर; 1 अरब पाउंड) से ज्यादा की कमाई हुई। अदालत को पता चला है कि इस परिवार से जुड़े अपराधों के कारण 14 चीनी नागरिकों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन ने सीमा पार धोखाधड़ी से निपटने के लिए म्यांमार, कंबोडिया और थाईलैंड सहित पड़ोसी दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ सहयोग किया है। सीसीटीवी ने बताया कि म्यांमार के अधिकारियों ने 2023 के मध्य से अब तक 53,000 से ज़्यादा संदिग्धों को चीन को सौंपा है।