चीन ने खोज निकाला एशिया का सबसे बड़ा अंडरसी गोल्ड रिजर्व

चीन खनिजों की खोज लगातार बढ़ा रहा है। इस कोशिश से सोने के अलावा भी नतीजे मिल रहे हैं। चीन ने पिछले साल भूवैज्ञानिक खोज में 115.99 अरब युआन का निवेश किया। चीन सोने के भंडार के मामले में दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों से पीछे है

अपडेटेड Dec 21, 2025 पर 10:25 AM
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अधिकारियों ने समुद्र के नीचे सोने के भंडार के वास्तविक आकार का खुलासा नहीं किया।

चीन ने समुद्र के नीचे अपना पहला सोने का भंडार खोजा है। इसके एशिया का सबसे बड़ा अंडरसी गोल्ड डिपॉजिट होने का दावा किया जा रहा है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट मुताबिक, यह खोज शेडोंग प्रांत के यानताई में लाइझोउ के तट पर हुई। इससे लाइझोउ का कुल प्रूवन सोने का भंडार 3900 टन (13.75 करोड़ औंस) से ज्यादा हो गया। यह चीन के टोटल गोल्ड रिजर्व का लगभग 26 प्रतिशत है। यानताई की सिटी गवर्मेंट ने इस सप्ताह मौजूदा 5 साल की योजना के दौरान अपनी उपलब्धियों और अगली योजना के बारे में एक सम्मेलन में यह खुलासा किया।

हालांकि, अधिकारियों ने समुद्र के नीचे सोने के भंडार के वास्तविक आकार का खुलासा नहीं किया। पिछले महीने चीन ने पूर्वोत्तर प्रांत लियाओनिंग में अपने पहले सुपर-लार्ज, कम ग्रेड के सोने के भंडार की खोज की घोषणा की थी। इसमें 1,444.49 टन (5.09 करोड़ औंस) का भंडार होने की पुष्टि हुई। नवंबर में ही अधिकारियों ने शिनजियांग उइगुर ऑटोनॉमस रीजन की पश्चिमी सीमा के पास कुनलुन पहाड़ों में सोने के एक भंडार की खोज की सूचना दी थी। इस भंडार के 1,000 टन (3.52 करोड़ औंस) से अधिक होने का अनुमान है।

चीन सोने के अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक


चीन दुनिया में सोने के अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक है। चीन गोल्ड एसोसिएशन के अनुसार, पिछले साल उत्पादन 377 टन (1.33 करोड़ औंस) तक पहुंच गया था। चीन सोने के भंडार के मामले में दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों से पीछे है। चीन खनिजों की खोज लगातार बढ़ा रहा है। चीनी भूवैज्ञानिक आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, दुनिया के सबसे शक्तिशाली ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार सिस्टम और बहुत संवेदनशील मिनरल एक्सप्लोरेशन सैटेलाइट जैसे कई अत्याधुनिक टूल डेवलप कर रहे हैं।

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खोजा एक नया मिनरल

इस कोशिश से सोने के अलावा भी नतीजे मिल रहे हैं। शिन्हुआ ने शुक्रवार को रिपोर्ट दी कि चीनी रिसर्चर्स द्वारा खोजे गए एक नए मिनरल यानि कि खनिज, 'जिनक्सिउइट' को इंटरनेशनल मिनरलॉजिकल एसोसिएशन ने मान्यता दी है। यह मिनरल एक निकेल-बिस्मथ-एंटीमनी-आर्सेनिक सल्फाइड है। इसमें ऐसे मेटल होते हैं, जिनका इस्तेमाल एयरोस्पेस, केमिकल और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग जैसे उद्योगों में होता है। इसकी खोज को चीन में कोबाल्ट की भारी कमी को देखते हुए खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के अनुसार, चीन ने पिछले साल भूवैज्ञानिक खोज में 115.99 अरब युआन (16.47 अरब अमेरिकी डॉलर) का निवेश किया। 2021 में मौजूदा 5-वर्षीय योजना की शुरुआत के बाद से, मिनरल्स की खोज पर कुल खर्च लगभग 450 अरब युआन तक पहुंच गया है। मिनरल्स के 150 डिपॉजिट्स की खोज हुई है।

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