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अमेरिका-चीन में तनातनी: ड्रैगन की चेतावनी- टैरिफ नहीं हटाया, तो मिलेगा करारा जवाब

US China Trade War: अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध फिर तेज हो गया है। ट्रंप ने चीन पर भारी टैरिफ लगाया है, जिससे तनाव बढ़ गया है। शी जिनपिंग जवाबी कदम उठाने की तैयारी में हैं। यह गतिरोध वैश्विक अर्थव्यवस्था और बाजारों को प्रभावित कर सकता है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Apr 03, 2025 पर 5:34 PM
अमेरिका-चीन में तनातनी: ड्रैगन की चेतावनी- टैरिफ नहीं हटाया, तो मिलेगा करारा जवाब
इस साल जून में ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिपनिंग की मुलाकात हो सकती है।

US China Trade War: अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध (Trade War) एक बार फिर गरमा गया है। यह विवाद तब बढ़ गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने गुरुवार को चीन समेत दुनिया भर के व्यापारिक साझेदारों पर भारी-भरकम शुल्क लगाने की घोषणा की है। चीन ने अमेरिका के नए टैरिफ पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वह अपने हितों की सुरक्षा के लिए जवाबी कदम उठाएगा।

चीन के वाणिज्य मंत्रालय का स्पष्ट कहना है कि अमेरिका का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन के खिलाफ है और उसने खुद ही इससे सबसे ज्यादा फायदा उठाया है। लेकिन ट्रंप का नजरिया अलग है। उन्होंने बुधवार को चीन पर 34% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया, जो पहले से मौजूद 20% शुल्क के ऊपर है। अब कुल मिलाकर 54% टैरिफ लग चुका है, जो उस 60% के करीब है जिसका ट्रंप ने अपने चुनावी भाषणों में जिक्र किया था।

US China Trade War: पुराने वादे और नई हकीकत

2020 में चीन और अमेरिका ने 'फेज 1' व्यापार समझौता किया था। इसमें चीन को दो साल में अमेरिकी उत्पादों की खरीद को $200 बिलियन तक बढ़ाने का वादा किया गया था। लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण चीन इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सका। 2017 में चीन ने अमेरिका से $154 बिलियन के सामान खरीदे थे, जो 2023 में बढ़कर $164 बिलियन हुआ। लेकिन यह भी ट्रंप के तय किए गए लक्ष्य से काफी कम था।

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