चीन में तख्तापलट की कोशिश! जनरल पर लगे US को न्यूक्लियर हथियारों के सीक्रेट लीक करने का आरोप, जिनपिंग ने लिया एक्शन
चीन के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जनरल झांग यौशिया और सीएमसी के जॉइंट स्टाफ विभाग के प्रमुख जनरल लियू झेनली के खिलाफ जांच चल रही है। मंत्रालय के अनुसार, दोनों पर “अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन” का संदेह है
चीन की सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी जनरल झांग यौशिया पर गंभीर आरोप लगे हैं
चीन की सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी जनरल झांग यौशिया पर गंभीर आरोप लगे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, उन पर अमेरिका को चीन के परमाणु हथियारों से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने और प्रमोशन के बदले रिश्वत लेने का आरोप है। इन आरोपों के बाद चीन के सैन्य नेतृत्व में बड़ा फेरबदल देखा जा रहा है।
चीन के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जनरल झांग यौशिया और सीएमसी के जॉइंट स्टाफ विभाग के प्रमुख जनरल लियू झेनली के खिलाफ जांच चल रही है। मंत्रालय के अनुसार, दोनों पर “अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन” का संदेह है।
इनके अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पांच अन्य अधिकारियों को भी हटा दिया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के पूर्ण नियंत्रण को कमजोर करने की कोशिश की थी।
शी जिनपिंग के तख्तापलट की कोशिश
रिपोर्टों और अफवाहों के अनुसार, कुछ शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने शी जिनपिंग को हटाने की कोशिश की, क्योंकि वे PLA पर CCP के कड़े नियंत्रण से खुश नहीं थे। हालांकि, कुछ लोग इसे शी जिनपिंग की PLA में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए की गई एक सामान्य और नियमित कार्रवाई भी मान रहे हैं।
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की एक बंद कमरे में हुई बैठक से जुड़े लोगों के हवाले से वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया है कि जनरल झांग यौशिया पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने चीन के परमाणु हथियारों से जुड़ी अहम तकनीकी जानकारी अमेरिकी अधिकारियों को दी और सेना के शक्तिशाली खरीद तंत्र में अधिकारियों को प्रमोशन दिलाने के बदले बड़ी रकम ली।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि झांग पर कम्युनिस्ट पार्टी की एकता को कमजोर करने के लिए राजनीतिक गुट बनाने और पार्टी की सर्वोच्च सैन्य निर्णय लेने वाली संस्था, सेंट्रल मिलिट्री कमिशन (CMC), में अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने के आरोप हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी उस प्रमुख एजेंसी में जनरल झांग यौशिया की भूमिका की जांच भी कर रहे हैं, जो हथियारों की रिसर्च, डेवलपमेंट और खरीद से जुड़ी है। आरोप है कि उन्होंने इस एजेंसी में रिश्वत के बदले अधिकारियों को प्रमोशन की मंजूरी दी।
इस मामले में मिले कुछ सबूत चीन नेशनल न्यूक्लियर कॉरपोरेशन के पूर्व प्रमुख गू जून की जांच से भी जुड़े हैं। यह सरकारी कंपनी चीन के नागरिक और सैन्य परमाणु कार्यक्रमों की देखरेख करती है।
अनुशासनहीनता से जोड़ा परमाणु क्षेत्र की सुरक्षा चूक का मामला
बीजिंग ने इस हफ्ते की शुरुआत में बताया था कि गू जून के खिलाफ गंभीर अनुशासनहीनता के आरोपों की जांच चल रही है। बाद में अधिकारियों ने इस जांच को परमाणु क्षेत्र में हुई एक सुरक्षा चूक से भी जोड़ा।
वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए बयान में चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंगयू ने कहा कि यह जांच भ्रष्टाचार के खिलाफ बीजिंग की “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” को दिखाती है।
शी जिनपिंग के सबसे करीबी जनरल
जनरल झांग को लंबे समय से राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सबसे करीबी सैन्य सहयोगी माना जाता रहा है। वह सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के पोलितब्यूरो के सदस्य हैं और चीन के उन गिने-चुने वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं जिनके पास वास्तविक युद्ध का अनुभव है।
उन्होंने 1979 और 1984 में वियतनाम के साथ हुए सीमा संघर्षों में हिस्सा लिया था। रिटायरमेंट की उम्र पूरी होने के बाद भी उन्हें CMC में बनाए रखा गया। जो दिखाता है कि झांग शी के कितने करीबी हैं।
75 साल के जनरल झांग यौशिया चीन के सबसे ऊंचे पद वाले सैन्य अधिकारी हैं। वह सेंट्रल मिलिट्री कमिशन (CMC) में उपाध्यक्ष हैं, उसके साथ जनरल झांग शेंगमिन भी उपाध्यक्ष हैं। झांग शेंगमिन को पिछले साल तब प्रमोट किया गया था, जब भ्रष्टाचार के आरोपों में एक दूसरे वरिष्ठ अधिकारी को हटाया गया था।
दोनों अधिकारी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से नीचे रैंक रखते हैं। शी जिनपिंग साल 2012 से सेंट्रल मिलिट्री कमिशन के अध्यक्ष हैं।
एंटी करप्शन मामले में बड़ी जांच
यह जांच पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के भीतर शी जिनपिंग के बड़े एंटी करप्शन ऑपरेशन के बीच हो रही है, जो 2023 से और तेज हो गया है।
अब तक इस कार्रवाई में CMC के कई सदस्य, दो पूर्व रक्षा मंत्री और सेना की अलग-अलग ब्रांच के कई सीनियर कमांडर जांच के दायरे में आ चुके हैं।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, शी जिनपिंग ने झांग के पहले के सैन्य कार्यकाल की गहराई से जांच के लिए एक स्पेशल टीम बनाने का आदेश दिया है। साथ ही, झांग और जनरल लियू से जुड़े अधिकारियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, क्योंकि जांच का दायरा पूरे सैन्य ढांचे में फैल रहा है।
हालांकि चीनी सरकार के आधिकारिक बयानों में सिर्फ इतना कहा गया है कि जांच जारी है, लेकिन वॉल स्ट्रीट जर्नल ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि इतने सीनियर अधिकारियों पर कार्रवाई से कुछ समय के लिए सेना की तैयारी प्रभावित हो सकती है, भले ही इससे शी जिनपिंग का सेना पर राजनीतिक नियंत्रण और मजबूत हो जाए।