PM Modi's China Visit: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त को चीन जाने वाले हैं। पीएम मोदी वहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस बीच एक बड़ी जानकारी ये सामने आ रही है कि ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ दबाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, PM मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का व्यक्तिगत रूप से स्वागत करेंगे। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम 'ग्लोबल साउथ' (Global South) की एकजुटता को दिखाते हुए एक मजबूत संकेत देने के लिए उठाया गया है।
2020 के बाद पहली बार हो रही PM मोदी की चीन यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी पिछले सात सालों में पहली बार चीन की यात्रा पर जा रहे हैं और 2020 में गलवान घाटी की झड़पों के बाद शी जिनपिंग से पहली बार मुलाकात करेंगे। इससे पहले दोनों नेताओं ने 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मंच साझा किया था। बता दें कि इस बार के SCO शिखर सम्मेलन का आयोजन 31 अगस्त और 1 सितंबर को तियानजिन में होगा, जिसमें पीएम मोदी और पुतिन के अलावा, मध्य एशिया, मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
ब्रिक्स ने ट्रंप को हिला दिया है: विश्लेषक
'द चाइना-ग्लोबल साउथ प्रोजेक्ट' के प्रधान संपादक एरिक ओलैंडर ने रॉयटर्स से कहा, 'शी जिनपिंग इस शिखर सम्मेलन का उपयोग यह दिखाने के लिए करना चाहेंगे कि अमेरिका के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के बाद दुनिया कैसी दिख सकती है। यह वाशिंगटन के चीन, ईरान, रूस और अब भारत का मुकाबला करने के प्रयासों के बावजूद है, जिसका इच्छित प्रभाव नहीं हुआ है।' उन्होंने कहा, 'जरा देखिए कि ब्रिक्स ने डोनाल्ड ट्रंप को कितना हिला दिया है, और यही इन समूहों को बनाने का मकसद भी है।'