फिलीपींस कोस्ट गार्ड ने बताया है कि दक्षिण चीन सागर के विवादित इलाके स्कारबोरो शोल के पास, चीन की नौसेना का एक युद्धपोत अपने ही कोस्ट गार्ड के जहाज से टकरा गया। यह घटना तब हुई जब चीनी जहाज एक फिलीपींस की गश्ती नाव का तेज रफ्तार से पीछा कर रहे थे। इस घटना का वीडियो भी फिलीपींस ने जारी किया है। घटना के समय फिलीपींस कोस्ट गार्ड फोर्स स्थानीय मछुआरों को मदद पहुंचाने वाली नावों का साथ दे रहे थे।
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक चीनी तटरक्षक जहाज (CCG 3104) और एक बड़ा चीन का नौसेना जहाज (नंबर 164) जोरदार आवाज के साथ टकराते हैं। टक्कर में कोस्ट गार्ड के जहाज के सामने वाले हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा है, और वो पानी में चलने लायक भी नहीं बचा।
फिलीपींस कोस्ट गार्ड के प्रवक्ता कमोडोर जय टारिएला ने बताया कि चीन का कोस्ट गार्ड जहाज तेजी से फिलीपींस नाव का पीछा कर रहा था, लेकिन अचानक अपनी दाहिनी तरफ मुड़ गया और पास में मौजूद चीन के वॉरशिप से जा टकराया। टकराव के तुरंत पहले उस जहाज के सामने के डेक पर क्रू मेंबर्स दिखे, जिनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि टक्कर से पहले वे सुरक्षित निकल पाए या नहीं।
टक्कर के बाद, फिलीपींस ने मदद का प्रस्ताव दिया, लेकिन चीनी पक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया।
चीनी कोस्ट गार्ड ने स्वीकार किया है कि फिलीपींस जहाजों को रोकने के लिए उन्होंने जरूरी कदम उठाए, लेकिन टक्कर का जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा कि फिलीपींस जहाजों को “निगरानी, दबाव और रोकथाम” के जरिए इलाके से दूर रखा गया।
स्कारबोरो शोल, जो दक्षिण चीन सागर में चट्टानों और रीफ्स की एक चेन है, चीन और फिलीपींस के बीच लंबे समय से विवाद का मुद्दा रहा है। चीन ने 2012 में इस इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया, जबकि फिलीपींस इसे अपने SEZ यानी स्पेशल इकोनॉमिक जोन का हिस्सा मानता है।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि उनके देश के जहाज इस इलाके में अपनी मौजूदगी बनाए रखेंगे और वहां के अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे।
इससे पहले, फिलीपींस नाव BRP Suluan पर चीनी कोस्ट गार्ड ने पानी की बौछार की थी, लेकिन वह सफलतापूर्वक बच निकली।
वैश्विक समुद्री व्यापार का 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा दक्षिण चीन सागर से गुजरता है, इसलिए यह इलाका रणनीतिक और विवादित माना जाता है।