भारत और इटली के बीच दोस्ती को और मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इटली के दौरे पर हैं। वहां पहुंचते ही इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी का बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने पीएम मोदी के लिए एक खास डिनर की मेजबानी की और इसके बाद दोनों नेताओं ने रोम की ऐतिहासिक और मशहूर इमारत 'कोलोसियम' का दौरा भी किया।
पीएम मोदी 15 से 20 मई तक पांच देशों (UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली) की यात्रा पर थे, और इटली इस दौरे का आखिरी पड़ाव है।
पेंटर तोमासेटी से मुलाकात
अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने इटली के जाने-माने चित्रकार गियाम पाओलो तोमासेटी से भी मुलाकात की। तोमासेटी पिछले 40 साल से भी ज्यादा समय से भारतीय संस्कृति से जुड़े हुए हैं। उन्होंने पीएम मोदी को वाराणसी (काशी) पर बनाई अपनी एक खूबसूरत पेंटिंग तोहफे में दी। तोमासेटी इससे पहले महाभारत पर भी 23 बड़ी पेंटिंग्स बना चुके हैं।
पीएम मोदी ने भारत के प्रति प्यार दिखाने के लिए वहां रह रहे भारतीयों और इटली के नागरिकों का दिल से शुक्रिया अदा किया।
कौन हैं पेंटर गियाम पाओलो तोमासेटी?
गियाम पाओलो तोमासेटी इटली के एक ऐसे कमाल के पेंटर (चित्रकार) हैं, जिनका दिल भारत की संस्कृति और इतिहास के लिए धड़कता है। उन्होंने अपनी जिंदगी के कई साल भारत के महान ग्रंथ 'महाभारत' को समझने और उसे चित्रों के ज़रिए दुनिया के सामने लाने में लगा दिए।
17 साल की उम्र में लगा महाभारत का 'शौक'
तोमासेटी का जन्म इटली के 'तेर्नी' शहर में हुआ था। उन्हें बचपन से ही पेंटिंग का शौक था। जब वे महज 17 साल के थे, तब उन्होंने इटली में 'महाभारत' पर आधारित एक नाटक (थिएटर प्ले) देखा। यह नाटक लगभग 9 घंटे लंबा था।
महाभारत की कहानी, उसके किरदार (जैसे कृष्ण, अर्जुन, भीम) और सही-गलत के बीच की लड़ाई ने इस युवा इटली के लड़के के दिल पर ऐसी छाप छोड़ी कि उन्होंने तय कर लिया कि वे इस महान कहानी को पूरी दुनिया तक पहुंचाएंगे।
5 साल की कड़ी मेहनत और 23 विशाल पेंटिंग्स (2008-2013)
महाभारत पर पेंटिंग बनाने का मुख्य काम उन्होंने साल 2008 से 2013 के बीच किया। उन्होंने 5 साल तक दिन-रात मेहनत करके 23 बहुत बड़ी और विशाल पेंटिंग्स तैयार कीं।
उनकी कुछ मशहूर पेंटिंग्स में ये दृश्य शामिल हैं:
कुरुक्षेत्र का मैदान: जहाँ भगवान कृष्ण, अर्जुन के रथ के सारथी बने हुए हैं और चारों तरफ युद्ध का माहौल है।
द्रौपदी चीरहरण: वह भावुक और दर्दनाक पल जब दुशासन द्रौपदी की साड़ी खींचता है और भगवान कृष्ण चमत्कार से उनकी लाज बचाते हैं।
भीम का युद्ध: मैदान में भीम का पराक्रम और हाथियों से उनका मुकाबला।
पेंटिंग की खासियत: इनकी पेंटिंग्स आम तस्वीरों जैसी नहीं हैं। इन्हें देखकर ऐसा लगता है मानो कोई लाइव फिल्म या असली घटना आपके सामने चल रही हो। किरदारों के चेहरे के भाव और गुस्सा बिल्कुल असली लगते हैं।