Rome Colosseum: क्या है रोम का प्रसिद्ध कोलोसियम? पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की नई सेल्फी हुई वायरल

Rome Colosseum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे की अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी करके मंगलवार (19 मई) रात रोम पहुंचे। पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ एक सेल्फी ली। इस तस्वीर के बैकग्राउंड में कोलोसियम दिखाई दे रहा है। यह रोम के बीचों-बीच स्थित पत्थर से बनी एक विशाल अंडाकार इमारत है

अपडेटेड May 20, 2026 पर 9:40 AM
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Modi-Meloni Selfie: पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की नई सेल्फी वायरल हो गई है

Rome Colosseum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (19 मई) को रोम पहुंचे। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रोम पहुंचने पर पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी अपने पांच देशों के दौरे के आखिरी चरण में इटली पहुंचे हैं। मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक खास संदेश भी पोस्ट किया। उन्होंने सेल्फी के साथ लिखा, "रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त!" इससे दोनों नेताओं के बीच की अच्छी दोस्ती साफ दिखाई दी। इसके साथ ही मेलोनी ने इटली और भारत के राष्ट्रीय झंडे वाले दो इमोजी भी जोड़े।

प्रधानमंत्री मोदी की इटली यात्रा के दौरान उनकी पीएम मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बातचीत होगी। इसके अलावा, वह इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला से भी मुलाकात करेंगे। रोम पहुंचते ही वहां मौजूद भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया। प्रधानमंत्री के आने की खुशी में लोग पहले से ही इंतजार कर रहे थे। जैसे ही पीएम मोदी पहुंचे, लोगों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।

मोदी-मोदी के लगे नारे


इस दौरान 'मोदी-मोदी' और 'भारत माता की जय' के नारे गूंजते रहे। पीएम मोदी ने भी लोगों का आभार व्यक्त किया और खुशी-खुशी उनसे हाथ मिलाया। इस दौरान कुछ बच्चे भी पीएम मोदी का हाथ से बनाया चित्र लेकर पहुंचे। प्रधानमंत्री ने बच्चों की इस प्रतिभा पर खुशी जाहिर करते हुए चित्र पर अपने हस्ताक्षर किए। पीएम मोदी ने भी अपनी यात्रा की जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह भारत और इटली के रिश्तों को और मजबूत करने के मकसद से आधिकारिक दौरे पर रोम पहुंचे हैं।

बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात जॉर्जिया मेलोनी से ऐतिहासिक विला डोरिया पैम्फिली में होगी। उम्मीद है कि दोनों नेता भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए एक संयुक्त घोषणा पत्र भी जारी करेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देशों के रिश्तों में लगातार तेजी आ रही है। भारत और इटली मिलकर 2025-2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना पर काम कर रहे हैं।

भारत-इटली के बीच व्यापार

MEA ने बताया कि 2025 में भारत और इटली के बीच व्यापार 16.77 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं, अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच इटली से भारत में कुल 3.66 अरब डॉलर का निवेश आया है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह दौरा यूरोप के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करेगा। पीएम मोदी इससे पहले जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इटली गए थे।

क्या है रोम कोलोसियम? (What is the Colosseum of Rome)

पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की तस्वीर के बैकग्राउंड में कोलोसियम (जिसे मूल रूप से फ्लेवियन एम्फीथिएटर के नाम से जाना जाता है) दिखाई दे रहा है। यह इटली की राजधानी रोम के बीचों-बीच स्थित पत्थर से बनी एक विशाल अंडाकार इमारत है। तस्वीर में यह रोशनी से जगमगा रही है।

इस वायरल तस्वीर को अब तक 22 लाख (खबर लिखे जाने तक) से ज्यादा बार देखा जा चुका है। इस सेल्फी को लगभग 1,23,000 से अधिक लाइक्स मिले हैं और 4,000 से ज़्यादा कमेंट्स आए हैं। इन दोनों विश्व नेताओं की आपसी दोस्ती की जमकर तारीफ हो रही है।

यह कोलोसियम प्राचीन रोम का सबसे प्रसिद्ध एम्फीथिएटर (विशाल खेल मैदान) है। इसे 'फ्लेवियन एम्फीथिएटर' भी कहा जाता है। इसका निर्माण रोमन सम्राट वेस्पासियन ने लगभग 70–72 ईस्वी के बीच शुरू कराया था। उनके बेटे टाइटस ने 80 ईस्वी में इसे पूरा करवाया। बाद में सम्राट डोमिशियन ने इसमें कुछ और हिस्से जोड़े।

कोलोसियम का इतिहास (History of Rome's Colosseum)

कोलोसियम को उस स्थान पर बनाया गया जहां पहले सम्राट नीरो का विशाल महल थी। वेस्पासियन ने इसे जनता के मनोरंजन स्थल में बदलकर अपनी लोकप्रियता बढ़ाने की कोशिश की। यह लगभग 50,000 दर्शकों की क्षमता वाला विशाल स्टेडियम था।

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यहां ग्लैडिएटरों की लड़ाइयां, जानवरों का शिकार, युद्धों की नकल और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित होते थे। इसकी बनावट पत्थर, कंक्रीट और मेहराबों की हाई टेक्नोलॉजी से की गई थी। रोमन साम्राज्य के पतन के बाद यह धीरे-धीरे खराब होने लगा। मध्यकाल में इसे किले, चर्च और पत्थरों की खदान की तरह भी इस्तेमाल किया गया। कई भूकंपों और लूटपाट से इसका बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया।

कोलोसियम का महत्व

  • यह रोमन सभ्यता का प्रतीक है। इसे प्राचीन रोमन साम्राज्य की शक्ति, संस्कृति और वास्तुकला का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
  • इसके अलावा यह इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना भी है। बिना आधुनिक मशीनों के इतनी विशाल संरचना बनाना उस समय की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
  • कोलोसियम को यूनेस्को विश्व धरोहर लिस्ट में शामिल किया गया है। इसे दुनिया के 'नए सात अजूबों' में भी गिना जाता है।
  • हर साल लाखों पर्यटक इसे देखने Rome आते हैं। यह इटली की सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक जगहों में से एक है।

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