Trump Strikes on Credit Card: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने क्रेडिट कार्ड के लिए अधिकतम सालाना ब्याज दर 10% करने का प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव लागू होने पर लाखों-करोड़ों अमेरिकियों पर असर पड़ेगा। ट्रंप का यह ऐलान एक पुराने चुनावी वादे का पूरा होना है और इसने अमेरिका में उधार की ऊंची लागत को लेकर लंबे समय से चली आ रही बहस को फिर छेड़ दिया। इसे लेकर शुक्रवार 9 जनवरी को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि क्रेडिट कार्ड कंपनियां बहुत ज्यादा ब्याज वसूल रही हैं जोकि अकसर 20-30% या इससे भी अधिक होती है। ऐसे में ट्रंप ने इस पर 10% के कैप का प्रस्ताव पेश कर लाखों अमेरिकियों के बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि यह उनके सफल कार्यकाल के एक साल पूरा होने वाले दिन 20 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगा।
अमेरिका की दोनों प्रमुख पार्टियां क्रेडिट कार्ड पर कम ब्याज को लेकर एकमत
क्रेडिट कार्ड के ब्याज दर को कम करने का वादा ट्रंप ने पहली बार अपने 2024 के चुनावी अभियान के दौरान किया था, और अब जीत के बाद वह एक साल का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर ऐसा करने भी जा रहे हैं। अमेरिकी संसद में इस प्रकार के कुछ प्रस्ताव पहले ही आ चुके हैं लेकिन अभी तक क्रेडिट कार्ड ब्याज दरों पर सीमा लगाने वाला कोई कानून पास नहीं हुआ है। अब ट्रंप इसे लागू करने जा रहे हैं लेकिन व्हाइट हाउस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इसे लागू कैसे कराया जाएगा।
वैसे खास बात ये है कि इस मसले को लेकर अमेरिकी की दोनों अहम पार्टियां रिपल्किन और डेमोक्रेट एक ही नाव पर सवार हैं। दोनों पार्टियों के सांसद क्रेडिट कार्ड के ऊंचे ब्याज दरों को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं। सीनेटर्स बर्नी सैंडर्स (Bernie Sanders) और जोश हॉले (Josh Hawley) ने पहले पांच साल के लिए क्रेडिट कार्ड की 10% की ब्याज दर वाला बिल पेश किया था। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी डेमोक्रेटिक सांसद एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज (Alexandria Ocasio-Cortez) और रिपब्लिकन कांग्रेसवुमन एना पॉलिना लूना (Anna Paulina Luna) ने भी इसी तरह का विधेयक पेश किया था।
10% कैप लगाने की आलोचना भी शुरू
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप क्रेडिट कार्ड के इंटेरेस्ट रेट पर 10% का कैप लगाने जा रहे हैं। इससे लाखों अमेरिकियों को राहत मिलने की उम्मीद है लेकिन कुछ लोग इसकी आलोचना भी कर रहे हैं। एक बिलेनियर्स यानी अरबपति फंड मैनेजर बिल एक्मैन (Bill Ackman) का कहना है कि ब्याज दरों को सीमित करने से लेंडर्स लाखों ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड रद्द कर सकते हैं, जिससे उन्हें कर्ज के दूसरे विकल्पों की तलाश करनी पड़ेगी। अभी अमेरिकन एक्सप्रेस, कैपिटल वन फाइनेंशियल, जेपीमॉर्गन, सिटीग्रुप और बैंक ऑफ अमेरिका जैसे अहम अमेरिकी बैंकों क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनियों ने इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।