Trade War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूरोपियन यूनियन (EU) पर 1 जून से 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाने जा रहे हैं। उनका कहना है कि यूरोपियन यूनियन के साथ बातचीत कहीं भी नहीं पहुंच रही है। EU के साथ डील करना बेहद कठिन है। ट्रंप ने अपने फैसले की घोषणा ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए की।
उन्होंने लिखा, 'यूरोपीय संघ, जिसका गठन मुख्यतः व्यापार में संयुक्त राज्य अमेरिका का फायदा उठाने के उद्देश्य से किया गया था, के साथ डील करना बहुत कठिन रहा है। उनके शक्तिशाली ट्रेड बैरियर, वैट टैक्स, बेतुकी कॉरपोरेट पेनल्टीज, नॉन-मॉनेटरी ट्रेड बैरियर्स, मॉनेटरी मैनिपुलेशंस, अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ अनुचित और अन्यायपूर्ण मुकदमे आदि, अमेरिका के साथ सालाना 250,000,000 डॉलर से अधिक के व्यापार घाटे को जन्म देते हैं। यह एक ऐसी संख्या है, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उनके साथ हमारी बातचीत कहीं नहीं पहुंच रही है! इसलिए, मैं यूरोपीय संघ पर 50% के सीधे टैरिफ की सिफारिश कर रहा हूं, जो 1 जून 2025 से शुरू होगा। अगर प्रोडक्ट संयुक्त राज्य अमेरिका में मैन्युफैक्चर हुआ है तो कोई टैरिफ नहीं होगा।'
पहले अप्रैल से लागू होने वाले थे टैरिफ
ट्रंप ने इस साल मार्च में यूरोपियन यूनियन के देशों की ओर से अमेरिका में होने वाले स्टील और एल्यूमीनियम एक्सपोर्ट्स पर 25 प्रतिशत के टैरिफ की घोषणा की थी। वहीं लगभग सभी यूरोपीय निर्यातों पर यूनिवर्सल 20% टैरिफ और, कारों और कुछ ऑटो पार्ट्स पर अलग से 25% टैरिफ लगाया था। सभी नए टैरिफ यूरोपीय संघ के लगभग 380 अरब यूरो के सामान को प्रभावित कर रहे थे। बदले में EU ने भी लगभग 21 अरब यूरो (23.2 अरब डॉलर) के अमेरिकी सामानों पर टैरिफ लगाने को मंजूरी दी थी। EU के कुछ टैरिफ अप्रैल के मध्य में प्रभावी होने वाले थे।
लेकिन फिर 9 अप्रैल को ट्रंप ने चीन को छोड़कर अन्य सभी देशों के लिए 90 दिन के पॉज का ऐलान किया। इसके तहत 90 दिन के लिए रेसिप्रोकल टैरिफ की केवल 10 प्रतिशत की दर लागू करने की घोषणा की गई। इसके बाद यूरोपियन यूनियन की ओर से भी जवाबी टैरिफ को 90 दिनों के लिए टालने का ऐलान किया गया।