अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी आक्रामक नीतियों के कारण लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं। राष्ट्रपति की कुर्सी संभालते ही टैरिफ बम फोड़ना शुरू कर दिया। इसके बाद अब ईरान के ऊपर सीधे बमबारी की धमकी दे दी है। ट्रंप ने साफ तौर पर कहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता है। तब ऐसी स्थिति में उस पर बमबारी की जाएगी और टैरिफ लगाई जाएगी। NBC न्यूज को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने यह बयान दिया है। बता दें कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ने के बीच ट्रंप की यह टिप्पणी आई है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिट्ठी के जवाब में अमेरिका के साथ सीधी बातचीत करने से मना कर दिया है। पेजेशकियन ने कहा कि हालांकि इस प्रतिक्रिया में दोनों पक्षों के बीच प्रत्यक्ष वार्ता की संभावना को खारिज कर दिया गया है, लेकिन इस बात पर जोर दिया गया है कि अप्रत्यक्ष वार्ता का रास्ता खुला हुआ है।
क्या है ईरान-अमेरिका के बीच विवाद?
साल 2015 में अमेरिका, ईरान, यूके, फ्रांस, जर्मनी, चीन और रूस के बीच परमाणु समझौता (JCPOA) हुआ था। इस समझौते के तहत ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की सहमति जताई थी। जिसके बदले अमेरिका और अन्य देशों ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी थी। साल 2018 में ट्रंप इस परमाणु समझौता (JCPOA) से हट गए। जिसके बाद ईरान पर फिर से पाबंदी लगा दी गई थी। इसके बाद ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम के काम को बढ़ा दिया। फिर ईरान ने जमकर यूरेनियम का भंडार किया है। ईरान गैर परमाणु शक्ति वाले देशों के लिए तय सीमा से काफी ज्यादा यूरेनियम इकट्ठा कर रखा है।
मध्य पूर्व में हालात बिगड़े
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों से स्थिति और जटिल हो गई है। अमेरिका यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमले कर रहा है। जबकि ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ इजरायल को निशाना बनाया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कलीबाफ सहित प्रमुख नेताओं ने चेतावनी दी है कि कोई भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष को भड़का सकती है।