Donald Trump: अमेरिका के बाद वेनेजुएला का भी राष्ट्रपति बनना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप! बोले- 'चुनाव लड़ सकता हूं'
Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वह वेनेजुएला में काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद वह वहां राष्ट्रपति चुनाव लड़ने पर विचार कर सकते हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला में उन्हें किसी भी अन्य व्यक्ति के मुकाबले ज्यादा वोट मिलेंगे
Donald Trump: ट्रंप ने मजाक में कहा कि वेनेजुएला के राष्टूपति पद का चुनाव लड़ सकता हूं
Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वह वेनेजुएला में काफी लोकप्रिय हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद वह वेनेजुएला में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने पर विचार कर सकते हैं। ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मजाकिया अंदाज में कहा कि वह वेनेजुएला में अब तक किसी भी नेता से ज्यादा लोकप्रियता (पोल रेटिंग) हासिल कर सकते हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब जनवरी में अमेरिकी बल वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार करके ड्रग्स तस्करी के मामलों का सामना करने के लिए अमेरिका लाए थे।
ट्रंप ने कहा, "वेनेजुएला के लोग कहते हैं कि अगर मैं वहां राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लडूं, तो मेरी लोकप्रियता अब तक किसी भी व्यक्ति से ज्यादा होगी। इसलिए जब मैं यहां (अमेरिका में) अपना काम खत्म कर लूंगा, तो वेनेजुएला जा सकता हूं।"
उन्होंने कहा, "मैं जल्दी ही स्पेनिश सीख लूंगा। इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा। मैं भाषाओं के ज्ञान में अच्छा हूं और मैं वेनेजुएला जाऊंगा। मैं राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ूंगा। लेकिन फिलहाल हम वहां के निर्वाचित राष्ट्रपति से बहुत खुश हैं।"
वेनेजुएला में तीन जनवरी को निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी संभाली। ट्रंप ने भी कहा कि वेनेजुएला के साथ संघर्ष 45 मिनट में खत्म हो गया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने अब तक वहां से करोड़ों बैरल तेल हासिल किया है।
उन्होंने कहा, "वेनेजुएला को अच्छे लोग चला रहे हैं। हमारे संबंध अच्छे हैं और हम उनके साझेदार हैं। हमने करोड़ों बैरल तेल हासिल किया है, जो ह्यूस्टन में रिफाइन होकर तैयार है और इससे उस युद्ध की लागत अब तक कई बार वसूल की जा चुकी है।"
'ईरान युद्ध कभी नहीं भूलूंगा'
डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ईरान युद्ध के दौरान इस सैन्य गठबंधन और दक्षिण कोरिया, जापान व ऑस्ट्रेलिया जैसे मित्र देशों ने अमेरिका की मदद नहीं की। उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब नाटो के महासचिव मार्क रूट जल्द ही वाशिंगटन दौरे पर आने वाले हैं। ट्रंप पहले भी नाटो को कागजी शेर बता चुके हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरान युद्ध ने नाटो को लेकर ऐसा प्रभाव छोड़ा है, जो मेरे दिमाग से कभी नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाटो के साथ मतभेद तब शुरू हुए, जब ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने के उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया। ट्रंप ने कहा, "नाटो एक कागजी शेर है, जिससे व्लादिमीर पुतिन भी नहीं डरते।"
ईरान युद्ध पर ट्रंप ने कहा कि नाटो सदस्य देशों ने जानबूझकर मदद नहीं की। उन्होंने कहा, "देखिए, हम नाटो के पास गए। मैंने बहुत जोर नहीं दिया, बस इतना कहा- अगर आप मदद करना चाहें तो अच्छा होगा।" ट्रंप के मुताबिक, उन्हें जवाब मिला, "नहीं, नहीं, हम मदद नहीं करेंगे।"
हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्होंने किससे बात की। ट्रंप ने कहा कि अब जब अमेरिका युद्ध जीत चुका है, तो नाटो देश उनसे मिलने और मदद की पेशकश करने आ रहे हैं। ट्रंप ने कहा, "जापान ने हमारी मदद नहीं की, ऑस्ट्रेलिया ने मदद नहीं की, दक्षिण कोरिया ने मदद नहीं की, और फिर नाटो-उसने भी मदद नहीं की।"
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जापान में 50,000 और दक्षिण कोरिया में 45,000 सैनिक तैनात कर रखे हैं, ताकि इन देशों को खतरों से बचाया जा सके। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। ट्रंप ने कहा कि 45,000 अमेरिकी सैनिक परमाणु हथियारों से लैस किम जोंग उन के बिल्कुल पास तैनात हैं, जो कभी नहीं होना चाहिए था।