Elon Musk: 'रिज्यूमे पर नहीं, बातचीत पर करें भरोसा', एलॉन मस्क ने बताया हायरिंग का सबसे जबरदस्त तरीका

Elon Musk Hiring Philosophy: मस्क ने बताया कि, कागज पर किसी की उपलब्धियां बहुत प्रभावशाली लग सकती हैं, लेकिन अगर 20 मिनट की आमने-सामने की बातचीत के बाद आपको 'Wow' वाली फीलिंग नहीं आती, तो आपको कागज के बजाय अपनी बातचीत के अनुभव पर यकीन करना चाहिए

अपडेटेड Feb 11, 2026 पर 2:38 PM
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मस्क ने बताया कि हजारों लोगों को खुद हायर करने के बाद अब उनका नजरिया पूरी तरह बदल चुका है

Elon Musk On Hiring: दुनिया के सबसे अमीर इंसान और SpaceX, Tesla जैसी कंपनियों के मालिक एलॉन मस्क ने रिक्रूटमेंट प्रोसेस को लेकर एक बड़ा सबक साझा किया है। मस्क ने स्वीकार किया कि अपने करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने भी वह गलती की थी जो अक्सर कई कंपनियां करती हैं, जो शानदार रिज्यूमे देखकर लोगों को नौकरी पर रखना थी। हालांकि, हजारों लोगों को खुद हायर करने के बाद अब उनका नजरिया पूरी तरह बदल चुका है।

मस्क को था 'पिक्सी डस्ट' का भ्रम

एक पॉडकास्ट के दौरान मस्क ने बताया कि शुरुआती सालों में वह खुद हजारों कर्मचारियों का इंटरव्यू लेते थे। उस समय उन्हें लगता था कि अगर कोई व्यक्ति गूगल, एपल जैसी बड़ी कंपनियों से आ रहा है, तो उसके पास कोई जादुई शक्ति या 'पिक्सी डस्ट' (Pixie Dust) होगी जिससे वह तुरंत सफल हो जाएगा। मस्क ने कहा, 'मैंने भी इस भ्रम का शिकार होकर सोचा था कि बड़ी कंपनियों के नाम वाले लोग तुरंत कमाल कर देंगे, लेकिन यह सोच गलत थी। लोग सिर्फ इंसान होते हैं, उनके पास कोई जादुई ताकत नहीं होती।'


अब काबिलियत और किरदार को देते हैं अहमियत

एलॉन मस्क ने बताया कि वो अब अपना पूरा फोकस रिज्यूमे की चमक-धमक से हटाकर व्यक्ति के वास्तविक काबिलियत पर कर दिया है। मस्क के अनुसार, अब वह देखते हैं कि क्या सामने वाला व्यक्ति एक अच्छा इंसान है? क्या वह भरोसेमंद है? क्या वह स्मार्ट और मेहनती है? उनका मानना है कि अगर किसी व्यक्ति में ये गुण हैं, तो काम से जुड़ी जानकारी तो बाद में भी सिखाई जा सकती है। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले वह इन मानवीय गुणों को कम आंकते थे, लेकिन अब यही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।

'रिज्यूमे देखने की बजाय बातचीत पर करो भरोसा'

मस्क का अब सीधा सा मंत्र है- 'रिज्यूमे मत देखो, अपनी बातचीत पर भरोसा करो।' उनका कहना है कि कागज पर किसी की उपलब्धियां बहुत प्रभावशाली लग सकती हैं, लेकिन अगर 20 मिनट की आमने-सामने की बातचीत के बाद आपको 'Wow' वाली फीलिंग नहीं आती, तो आपको कागज के बजाय अपनी बातचीत के अनुभव पर यकीन करना चाहिए। मस्क का मानना है कि वास्तविक बातचीत ही किसी व्यक्ति की असली क्षमता को उजागर करती है।

काम करने वाले पसंद हैं, बातें बनाने वाले नहीं

मस्क की कंपनियों में पद या टाइटल से ज्यादा प्रदर्शन मायने रखता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह उन लोगों को पसंद करते हैं जो नतीजे देते हैं। मस्क ने कहा, 'अगर कोई काम पूरा करता है और अच्छी तरह से उसे लागू करता है, तो मैं उसका बड़ा प्रशंसक हूं। अगर वह ऐसा नहीं कर पाता, तो वह मेरी पसंद में शामिल नहीं है। यह बहुत सीधा और सरल नियम है।'

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