SpaceX Starship: दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने अपने सबसे विशाल रॉकेट स्टारशिप (Starship) की टेस्ट फ्लाइट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। शुक्रवार को हुई इस टेस्टिंग के दौरान एलन मस्क का यह मैसिव स्टारशिप एक बड़े धमाके के साथ हिंद महासागर में लैंड हुआ। पहली नजर में वीडियो देखकर ऐसा लगेगा कि रॉकेट क्रैश हो गया है पर असल में यह स्पेसएक्स का एक कंट्रोल्ड स्पैशडाउन था। इस मिशन की कामयाबी के बाद स्पेसएक्स के कर्मचारियों में जश्न का माहौल है।
लोकल समय के अनुसार शाम 5:30 बजे के ठीक बाद इस स्पेसक्राफ्ट ने उड़ान भरी। हालांकि इस मिशन के दौरान कुछ टेक्निकल इश्यूज जरूर आए लेकिन इसके बावजूद स्टारशिप के अपर स्टेज ने योजना के मुताबिक आग की लपटों के बीच एक कंट्रोल्ड स्पैशडाउन पूरा किया। कंपनी की लाइवस्ट्रीम के दौरान स्पेसएक्स के कर्मचारी इस नजारे को देखकर जश्न में डूब गए। मिशन पूरा होने के बाद कंपनी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा कि स्पैशडाउन कंफर्म!
इस वीडियो को आप यहां नीचे देख सकते हैं-
एक इंजन हुआ फेल, फिर भी पूरा किया मुश्किल मैनुवर
हमारी सहयोगी वेबसाइट News18 की रिपोर्ट के मुताबिक इस फ्लाइट का मुख्य उद्देश्य स्टारशिप के लेटेस्ट वर्जन में किए गए नए रीडिजाइन्स को टेस्ट करना था। यह तीसरी जनरेशन का स्पेसक्राफ्ट था। फ्लाइट के दौरान एक इंजन फेल हो जाने के बावजूद स्टारशिप ने हवा में खुद को सीधा करने का मैनुवर सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके साथ ही उसने कंट्रोल के लिए अपने इंजनों को दोबारा रीइग्नाइट भी किया। इस मिशन के दौरान स्टारशिप ने 22 मॉक सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में डिप्लॉय किया। इनमें दो सैटेलाइट्स खास तौर पर इसलिए डिजाइन किए गए थे, ताकि वे स्पेसक्राफ्ट की हीट शील्ड की इमेजेस कैप्चर कर सकें और आगे का एनालिसिस किया जा सके।
शुरुआती बर्न फेज के दौरान एक इंजन में आई खराबी की वजह से स्पेसक्राफ्ट अपने तय ऑर्बिट को हासिल नहीं कर सका। कंपनी के प्रवक्ता डैन हुओट ने कहा कि मैं इसे नॉमिनल ऑर्बिटल इंसर्शन नहीं कहूंगा। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह पहले से एनालाइज की गई ट्रेजेक्ट्री के दायरे के भीतर ही था।
मैक्सिको की खाड़ी में गिरा सुपर हैवी बूस्टर
अपर स्टेज से अलग होने के बाद इसका सुपर हैवी बूस्टर अपना बूस्ट-बैक बर्न पूरा करने में फेल रहा। इसके बाद यह बूस्टर अनकंट्रोल्ड होकर मैक्सिको की खाड़ी में जा गिरा। स्पेसएक्स ने इस बूस्टर को रिकवर करने का कोई प्लान नहीं बनाया था। हालांकि कंपनी ने इसके अधिक सटीक रिटर्न का टारगेट जरूर रखा था। इस मिशन की सफलता पर स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने इस फ्लाइट को एपिक बताया और टीम की तारीफ करते हुए कहा कि आपने मानवता के लिए एक गोल स्कोर किया है।
नासा के मून मिशन के लिए क्यों है बेहद जरूरी?
यह मिशन अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) के लिए बहुत बड़ी अहमियत रखता है। नासा ने अपने आर्टेमिस लूनर प्रोग्राम के लिए स्पेसएक्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य इंसानों को एक बार फिर चांद पर वापस भेजना है, जिसके लिए स्टारशिप के एक मॉडिफाइड वर्जन को डेवलप किया जा रहा है।
सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के एयरोस्पेस एक्सपर्ट क्लेटन स्वोप ने एएफपी (AFP) को बताया कि लॉन्च के दौरान स्टारशिप के अपग्रेडेड वर्जन ने वह सब कुछ किया जो स्पेसएक्स को उम्मीद थी। हालांकि उन्होंने सतर्क करते हुए यह भी कहा कि अगले आर्टेमिस मिशन के लिए स्टारशिप को तैयार होने में अभी लंबा रास्ता तय करना है और कई और टेस्ट फ्लाइट्स की जरूरत होगी।
लॉन्च से पहले नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने स्पेसएक्स के प्री-लॉन्च प्रोग्राम में हिस्सा लिया और कहा कि हम इसे उड़ते देखने के लिए उत्सुक हैं। मिशन की सफलता के बाद उन्होंने स्पेसएक्स को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा कि एक बेहतरीन V3 स्टारशिप लॉन्च कि हम चांद के एक कदम और करीब आ गए हैं... और मंगल के एक कदम और करीब।