फेडरल रिजर्व और 3 अन्य सेंट्रल बैंक प्रमुख ब्याज दरों को जस का तस छोड़ने के लिए तैयार हैं। उम्मीद है कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेड अपनी दो दिन की मीटिंग के आखिर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उधार लेने की लागत कम करने की मांग को नहीं मानेगा। ब्राजील, कनाडा और स्वीडन के केंद्रीय बैंक भी मौजूदा ब्याज दर को ही बरकरार रख सकते हैं। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की आगामी मीटिंग 27-28 जनवरी को होने वाली है।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अमेरिकी सरकार फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल और उनके साथियों पर दबाव बढ़ा रही है।ऐसे में बैंक ऑफ इंग्लैंड और यूरोपियन सेंट्रल बैंक समेत एक दर्जन से ज्यादा बैंकों के चीफ्स ने पॉवेल के साथ पूरी एकजुटता दिखाते हुए केंद्रीय बैंकों की आजादी का साथ दिया। ट्रंप, फेड द्वारा ब्याज दर न घटाए जाने को लेकर लगातार शिकायत करते रहे हैं। इसके अलावा फेड को अब क्रिमिनल आरोपों की धमकी देने वाले ग्रैंड जूरी समन का सामना करना पड़ रहा है।
टेंशन से भरा है ग्लोबल बैकग्राउंड
फेड से इतर बात करें तो हर केंद्रीय बैंक एक टेंशन वाले ग्लोबल बैकग्राउंड में काम कर रहा है। जापान के मार्केट में हाल ही में आई गिरावट, ग्रीनलैंड पर ट्रंप के प्लान को लेकर इनवेस्टर्स की चिंता, टैरिफ को लेकर ट्रंप की नई और लगातार धमकियां ग्लोबल सिनेरियो को तनावपूर्ण बनाए हुए हैं। पॉलिसी बनाने वाले एक ओर टैरिफ से पैदा होने वाले संभावित ग्रोथ रिस्क पर फोकस कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मौजूदा माहौल में संभावित महंगाई के दबाव पर भी नजर रख रहे हैं।
आने वाले हफ्ते में 18 केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर नजर
आने वाले हफ्ते में दुनिया भर के 18 केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर दुनिया की नजरें हैं। 2025 के आखिर में फेडरल रिजर्व ने लगातार 3 बार प्रमुख ब्याज दर घटाई। अब अनुमान है कि फेड ब्याज दर को स्थिर रखेगा। हाल के डेटा से पता चलता है कि दिसंबर में US में बेरोजगारी दर में गिरावट आई, जबकि महंगाई फेड के टारगेट से ऊपर रही। नए शुरू हो रहे हफ्ते में बुधवार को बैंक ऑफ कनाडा के अपनी पॉलिसी रेट 2.25% पर ही बरकरार रखने की उम्मीद है। इसमें मॉनेटरी पॉलिसी रिपोर्ट में धीमी ग्रोथ और इस साल के US-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट के रिव्यू से जुड़ी बढ़ी हुई अनिश्चितता पर जोर दिया जाएगा। भारत की बात करें तो भारतीय रिजर्व बैंक का प्रमुख ब्याज दर पर फैसला 6 फरवरी को सामने आएगा। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग 4 फरवरी से शुरू होगी।