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Fuel Crisis in Pakistan: स्कूल बंद, सैलरी में कटौती और दफ्तरों में सिर्फ 4 दिन होगा काम... पाकिस्तान में तेल संकट से हाहाकार

Fuel Crisis in Pakistan: पाकिस्तान सरकार ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के असर से निपटने के लिए तेल बचाने के उपायों के तहत कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम करने का निर्देश दिया है। साथ ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। सांसदों की सैलरी और सरकारी खर्च में कटौती की भी घोषणा की है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 10, 2026 पर 7:34 AM
Fuel Crisis in Pakistan: स्कूल बंद, सैलरी में कटौती और दफ्तरों में सिर्फ 4 दिन होगा काम... पाकिस्तान में तेल संकट से हाहाकार
Fuel Crisis in Pakistan: तेल संकट को देखते हुए पाकिस्तानी सरकार ने सरकारी खर्चे में कटौती समेत कई आदेश जारी किए हैं

Fuel Crisis in Pakistan: पाकिस्तान ने तेल संकट को देखते हुए कई कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान पर युद्ध के प्रभावों को कम करने के लिए सोमवार (9 मार्च) को वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) करने की घोषणा की। इसके अलावा अब पाकिस्तानी सरकारी दफ्तर हफ्ते में सिर्फ चार दिन ही काम करेंगे। हालांकि, इस फैसले से बैंकों को बाहर रखा गया है। शरीफ ने यह भी कहा कि जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी सरकारी विभागों के 50 फीसदी कर्मचारी अब घर से ही काम करेंगे।

वहीं, पाकिस्तान में स्कूलों में दो हफ्ते के लिए छुट्टियों का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही, सरकारी खर्च में 20 फीसदी कटौती करने का फैसला भी किया गया है। 80 फीसदी सरकारी गाड़ियों को दो महीने के लिए बंद कर दिया गया है। शरीफ ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि वह देश के लोगों को ऐसे समय संबोधित कर रहे हैं जब पूरा क्षेत्र युद्ध के खतरे का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा कि युद्ध का प्रभाव सीमाओं से परे होता और अन्य देशों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था खाड़ी से तेल आपूर्ति पर निर्भर है। तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण देश को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल का युद्ध जारी है, जिससे आपूर्ति बाधित हो रही है। क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का गुजरना प्रभावित है।

शरीफ ने विभिन्न उपायों की घोषणा की, जिन्हें सरकार ने पेट्रोलियम में किसी भी संभावित कमी से निपटने के लिए लागू करने का निर्णय लिया। उन्होंने ईरान द्वारा विभिन्न मुस्लिम देशों पर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु पर शोक भी व्यक्त किया।

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