हंता वायरस से अबतक 3 की मौत, इसकी कोई वैक्सीन नहीं! WHO बोला- ये नया कोविड नहीं पर इस बात को लेकर किया अलर्ट

Hantavirus Outbreak WHO: इस वायरस के आउटब्रेक की शुरुआत डच क्रूज शिप MV Hondius से हुई, जो 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इस जानलेवा वायरस से अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है, जिनमें डच और जर्मन नागरिक शामिल हैं। यह इसलिए खतरनाक है क्योंकि यह एक इंसान से दूसरे इंसान में भी फैल सकता है

अपडेटेड May 08, 2026 पर 8:27 AM
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ये वायरस इतना खतरनाक है कि WHO भी एक्टिव हो गया है और इस पर पैनी नजर बना हुए है

Hantavirus Outbreak: दुनिया अभी कोरोना के जख्मों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि एक और घातक वायरस 'हंता वायरस' (Hantavirus) ने दस्तक दे दी है। एक डच क्रूज शिप MV Hondius से जुड़े इस आउटब्रेक में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और कई देशों में इसके मामले मिलने से हड़कंप मच गया है। ये वायरस इतना खतरनाक है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी एक्टिव हो गया है और इस पर पैनी नजर बना हुए है।

क्या है पूरा मामला?

इस आउटब्रेक की शुरुआत डच क्रूज शिप MV Hondius से हुई, जो 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है, जिनमें डच और जर्मन नागरिक शामिल हैं। क्रूज पर पाया गया स्ट्रेन 'एंडिस वायरस' (Andes virus) है। यह इसलिए खतरनाक है क्योंकि हंता वायरस के अन्य स्ट्रेन के विपरीत, यह एक इंसान से दूसरे इंसान में भी फैल सकता है। ब्रिटेन, जर्मनी, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और दक्षिण अफ्रीका में इस वायरस के संदिग्धों की निगरानी की जा रही है।


WHO ने दी चेतावनी

WHO की महामारी तैयारी निदेशक मारिया वान केरखोव ने स्पष्ट किया है कि यह किसी वैश्विक महामारी की शुरुआत नहीं है। हालांकि, WHO प्रमुख टेड्रोस ने चेतावनी दी है कि इसका इंक्यूबेशन पीरियड 6 हफ्ते तक का हो सकता है, यानी आने वाले दिनों में और मामले सामने आ सकते हैं।

कैसे फैलता है हंतावायरस?

आम तौर पर हंता वायरस चूहों और गिलहरियों जैसे रोडेंट्स (Rodents) से फैलता है।

सांस के जरिए: चूहों के मल, मूत्र या लार के सूखने के बाद जब उसके कण हवा में मिल जाते हैं, तो सांस के जरिए इंसान संक्रमित हो सकता है।

सीधा संपर्क: दूषित सतहों को छूने या संक्रमित चूहे के काटने से।

इंसान से इंसान: 'एंडिस वायरस' स्ट्रेन के मामले में, करीबी संपर्क जैसे- परिवार या देखभाल करने वाले के जरिए यह एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है।

हंतावायरस के ये है शुरुआती लक्षण

शुरुआत में यह सामान्य फ्लू जैसा लगता है, जिससे इसकी पहचान मुश्किल हो जाती है:

शुरुआती लक्षण: तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, थकान, सिरदर्द, ठंड लगना और उल्टी।

गंभीर लक्षण (4-10 दिन बाद): सांस लेने में भारी तकलीफ, फेफड़ों में पानी भरना, लो ब्लड प्रेशर और दिल की समस्याएं।

महत्वपूर्ण: हंता वायरस के लिए फिलहाल कोई टीका (Vaccine) या इलाज उपलब्ध नहीं है। इलाज केवल लक्षणों को नियंत्रित करने और मरीज को लाइफ सपोर्ट देने तक सीमित है।

क्या भारत और दुनिया के लिए है खतरा?

विशेषज्ञों का कहना है कि इसके कोविड की तरह फैलने की आशंका बहुत कम है क्योंकि यह हवा के जरिए उतनी आसानी से नहीं फैलता। ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसी (UKHSA) ने भी जनता के लिए जोखिम को 'बेहद कम' बताया है। हालांकि, क्रूज शिप के अंतरराष्ट्रीय रूट और यात्रियों के विभिन्न देशों में जाने के कारण 'कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग' एक बड़ी चुनौती बन गई है।

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