Trump On Mojtaba Khamenei: ईरान में मोजतबा खामेनेई के नए 'सुप्रीम लीडर' बनने के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस नियुक्ति पर बेहद तल्ख प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि ईरान के नए नेता के लिए सत्ता की राह आसान नहीं होगी। बीते रविवार को ही ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता अमेरिका की मंजूरी के बिना ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा।
'वह शांति से शासन नहीं कर पाएगा'
'फॉक्स न्यूज' को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति पर अपनी नाराजगी जाहिर की। ट्रंप ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि वह शांति से रह पाएगा।' उन्होंने संकेत दिया कि मोजतबा के नेतृत्व को अमेरिका आसानी से स्वीकार नहीं करेगा। ट्रंप ने मोजतबा को 'कमजोर और अस्वीकार्य' करार दिया है। इससे पहले उन्होंने 'न्यूयॉर्क पोस्ट' से भी कहा था कि वह इस फैसले से बिल्कुल खुश नहीं हैं।
ताजपोशी के बाद मिसाइल हमलों का हुआ आगाज
ईरान ने मोजतबा की नियुक्ति का जश्न और अपनी ताकत का प्रदर्शन इजरायल पर मिसाइलें दागकर किया। सोमवार को जैसे ही मोजतबा ने कमान संभाली, ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों की ओर मिसाइलों की एक नई खेप दाग दी। इन हमलों और बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
IRGC के समर्थन से बेहद मजबूत हो गए हैं मोजतबा खामेनेई
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासनकाल में कभी किसी आधिकारिक पद पर नहीं रहे, लेकिन उनकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, मोजतबा को IRGC का बेहद करीबी माना जाता है। नियुक्ति के कुछ ही घंटों के भीतर इस शक्तिशाली सैन्य टुकड़ी ने उनके प्रति अपनी निष्ठा और वफादारी की शपथ ली। कूटनीतिक हलकों में लंबे समय से यह चर्चा थी कि मोजतबा पर्दे के पीछे रहकर सत्ता की डोर संभाल रहे थे। अब उन्हें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, सशस्त्र बलों और न्यायपालिका का भी पूरा समर्थन मिल गया है।