अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, ईरान में एक “बहुत बड़ा और सम्मानित” नेता है, जो इस समय अमेरिका से बातचीत कर रहा है। लेकिन उन्होंने उस व्यक्ति का नाम नहीं बताया और कहा कि वे उसका नाम इसलिए नहीं लेना चाहते, ताकि उसे कोई नुकसान न पहुंचे। सवाल यह है कि तीन हफ्ते से ज्यादा समय से चल रहे ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच आखिर वह कौन नेता है, जो बातचीत कर रहा है?
ट्रंप ने साफ किया कि यह व्यक्ति ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई नहीं हैं, जिन्होंने अपने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद पद संभाला। हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की मौत के बाद अब कुछ बड़े नेताओं पर ध्यान केंद्रित हो गया है, जो इस भूमिका में हो सकते हैं।
संभावित नामों में सबसे पहले आते हैं संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि युद्ध के दौरान वही असल नेतृत्व संभाल रहे हैं। उन्होंने सेना और प्रशासन दोनों में लंबे समय तक काम किया है। हालांकि, उन्होंने अमेरिका से किसी भी बातचीत से इनकार किया है।
दूसरा नाम है राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का, जो अपेक्षाकृत नरम विचारधारा के माने जाते हैं। लेकिन ईरान में अंतिम फैसला सुप्रीम लीडर का होता है, इसलिए उनकी भूमिका भी सीमित मानी जाती है।
तीसरा नाम विदेश मंत्री अब्बास अराघची का है। वे अनुभवी राजनयिक हैं और पहले भी अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर चुके हैं। हालांकि उन्हें “सबसे ताकतवर व्यक्ति” कहना थोड़ा मुश्किल माना जा रहा है।
हालांकि, हाल में इजरायली अखबार Yedioth Ahronoth ने अपनी एक रिपोर्ट बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के मध्यस्थ स्टीव विटकॉफ के बीच बातचीत हुई, जिसे तेहरान के शीर्ष स्तर पर मंजूरी मिली थी।
इसी रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया था कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई भी अमेरिका से बातचीत करने को तैयार हैं।
चौथा नाम अहमद वाहिदी का है, जो रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख हैं। लेकिन इस युद्ध के दौरान वे काफी कम नजर आए हैं।
पांचवां नाम इस्माइल गनी का है, जो कुद्स फोर्स के प्रमुख हैं और गुप्त ऑपरेशन्स संभालते हैं। उनके बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आती और वे काफी रहस्यमय माने जाते हैं।
कुल मिलाकर, अभी तक यह साफ नहीं है कि अमेरिका से बातचीत करने वाला “टॉप लीडर” कौन है। लेकिन इतना जरूर है कि ईरान के अंदर इस समय सत्ता और नेतृत्व को लेकर काफी बदलाव और अनिश्चितता बनी हुई है।