Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने को लेकर ईरान को सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अगर इस रास्ते तेल की शिपमेंट रोकेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इसका जवाब अब तक की तुलना में बीस गुना ज्यादा कठोर तरीके से दिया जाएगा। बता दें कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान युद्ध के चलते अमेरिका और दुनियाभर में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, "अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में तेल का फ्लो रोकने का कोई भी प्रयास करता है, तो उसे अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक कठोर जवाब मिलेगा।"
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान में "आसानी से नष्ट किए जा सकने वाले" ठिकानों को निशाना बनाएगा, जिससे ईरान के लिए फिर से खुद को खड़ा करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने आगे कहा, "उन पर मौत, आग और क्रोध बरसेगा - लेकिन मैं आशा करता हूं और प्रार्थना करता हू कि ऐसा न हो!"
ट्रंप ने इस चेतावनी को वैश्विक व्यापार के लिए एक उपहार के रूप में भी प्रस्तुत किया, विशेष रूप से चीन और अन्य देशों के लिए जो अपने तेल शिपमेंट के लिए होर्मुज स्ट्रेट का बड़े पैमाने पर उपयोग करते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “यह संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से चीन और उन सभी देशों के लिए एक उपहार है जो होर्मुज स्ट्रेट का बड़े स्तर पर उपयोग करते हैं। उम्मीद है कि इस कदम की बहुत सराहना की जाएगी।”
ट्रंप का कहना है ईरान युद्ध लगभग समाप्त
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्ध "पूरी तरह से समाप्त" हो चुका है और "लगभग खत्म" हो गया है।
सीबीएस न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि तेहरान के पास "सैन्य दृष्टि से" कुछ भी नहीं बचा है। "उनके पास न नौसेना है, न संचार व्यवस्था, न वायुसेना। उनकी मिसाइलें बहुत कम रह गई हैं। उनके ड्रोन, यहां तक कि ड्रोन निर्माता कंपनियां भी, हर जगह नष्ट हो रही हैं।"
जहां ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान में अमेरिकी कार्रवाई कम से कम चार से पांच सप्ताह तक चलेगी, वहीं सोमवार को उन्होंने कहा कि वाशिंगटन अपने निर्धारित समय से काफी आगे निकल चुका है और यह संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है।
हालांकि, ट्रंप के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा कि युद्ध का अंत तय करने का अधिकार उन्हीं के पास है।