
Imran Khan : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों ने देश में बड़ी राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। पिछले 3 हफ्तों से इमरान की बहनें उनसे मिलने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जेल प्रशासन इसकी अनुमति नहीं दे रहा है। इसके चलते से इमरान की खराब सेहत के कयास लगाए जा रहे हैं।
इन घटनाओं ने यह भी दिखाया है कि पाकिस्तानी सरकार पर हाई-प्रोफाइल राजनीतिक कैदियों के साथ सख्त और अपारदर्शी व्यवहार करने के आरोप क्यों बढ़ रहे हैं। अदियाला जेल में इमरान खान के साथ कथित यातना, अकेले रखने, कोर्ट के आदेशों को न मानने और परिवार से मिलने की अनुमति न देने जैसी खबरों ने PTI समर्थकों में गहरी नाराजगी है। यही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी जेल हालात और खान की स्थिति पर दोबारा गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
इमरान खान को अलग-थलग रखने के आरोप
इमरान खान की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच, PTI के सूत्रों ने CNN-News18 को बताया कि अदियाला जेल में उन्हें लगभग पूरी तरह अकेला रखा जा रहा है और उनके साथ कठोर व्यवहार हो रहा है। सूत्रों का दावा है कि पार्टी संस्थापक के साथ मारपीट की गई है और उन्हें लगातार दबाव में रखा जा रहा है, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि कई हफ्तों से खान का अपने परिवार और कानूनी टीम से ठीक तरह संपर्क नहीं हो पाया है। PTI के अंदर मौजूद लोगों का मानना है कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है, ताकि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर किया जा सके।
इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने CNN-News18 को फोन पर दिए इंटरव्यू में गहरी चिंता जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर परिवार से मुलाकात की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही और इसके पीछे सरकार की मंशा क्या है। इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने सवाल उठाया कि आखिर परिवार को मुलाकात की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा, “वे हमें मिलने से क्यों रोक रहे हैं? अगर वे परिवार और पार्टी के लोगों को मिलने देते, तो हालात इतने बिगड़ते ही नहीं।”
अलीमा ने यह भी कहा कि वह नहीं मानतीं कि सरकार इमरान खान को शारीरिक नुकसान पहुंचाएगी, लेकिन उनके शब्दों से सरकार पर बढ़ते दबाव का अंदाज़ ज़रूर मिलता है। उन्होंने कहा, “अगर उन्होंने ऐसा कुछ किया, तो लोग चुप नहीं बैठेंगे। पूरा देश विरोध में खड़ा हो जाएगा, और सरकार के लिए बच निकलना मुश्किल हो जाएगा।” उन्होंने चेताया कि जनता का धैर्य अब टूटने के करीब है। अलीमा के मुताबिक, “बहुत जल्द लोग इमरान खान के साथ हो रहे बर्ताव के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। यह होना तय है—ये सवाल नहीं कि होगा या नहीं, बल्कि कब होगा। और जब ये आंदोलन शुरू होते हैं, तो उन्हें रोकना नामुमकिन हो जाएगा।”
कोर्ट के आदेशों के बावजूद मुलाकात पर रोक
अदालत के साफ निर्देश होने के बावजूद, अक्टूबर के अंत से अब तक किसी को भी इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं मिली है। उनकी बहनों ने अब तुरंत मुलाकात की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। वहीं PTI नेता जेल प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं कि वे कानून से ऊपर होकर फैसले ले रहे हैं। पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी की पिछली जेल यात्राओं को गलत तरीके से यह दिखाने के लिए इस्तेमाल किया गया कि खान की हालत ठीक है। सूत्रों के मुताबिक, “असलियत छिपाई जा रही थी, और जेल के अंदर की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आने दी गई।” PTI का आरोप है कि मुलाकातों पर रोक सिर्फ एक औपचारिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह इमरान खान की सेहत और इलाज से संबंधित जानकारी को दबाने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है।
सरकार के बयान और फैली अफवाहों पर सफाई
इमरान खान की तबीयत बिगड़ने और यहां तक कि मौत की अफवाहें सोशल मीडिया पर फैलते ही सरकार की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार, सीनेटर राणा सनाउल्लाह ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया। सनाउल्लाह ने कहा, “इमरान खान बिल्कुल ठीक हैं। उनकी मौत या गंभीर बीमारी की बातें झूठ हैं।” उन्होंने PTI पर आरोप लगाया कि पार्टी सोशल मीडिया के जरिए लोगों में भ्रम फैला रही है। सरकारी दावे के मुताबिक, इमरान खान की नियमित जांच की जाती है। सनाउल्लाह ने कहा, “डॉक्टरों की टीम रोज़ और हफ्ते में कई बार उनकी सेहत चेक करती है। उनकी दवाओं, खाने और एक्सरसाइज का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इमरान खान जेल में रहते हुए भी सोशल मीडिया के जरिये माहौल भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। सनाउल्लाह ने कहा कि सरकार अब उन्हें जेल से किसी भी तरह का विरोध आयोजित करने की अनुमति नहीं देगी। हालांकि, सरकार के इन बयानों के बाद भी जनता की शंका और खान के परिवार की चिंताएं कम नहीं हुई हैं।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।