Putin India Visit: 'भारत-रूस बाहरी दबाव झेलने में सक्षम'; PM मोदी और पुतिन की मीटिंग पर चीनी एक्सपर्ट का बड़ा बयान

Vladimir Putin India Visit: चीनी एक्सपर्ट ने कहा कि भारत और रूस बाहरी दबाव या दखलअंदाजी को झेलने में दोनों बहुत मजबूत हैं। उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नई दिल्ली दौरे को इस बात का साफ इशारा बताया कि जियोपॉलिटिकल उथल-पुथल के बावजूद भारत-रूस पार्टनरशिप मजबूत बनी हुई है

अपडेटेड Dec 05, 2025 पर 9:56 AM
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Vladimir Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिन की राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे चुके हैं

Vladimir Putin India Visit: चीनी स्कॉलर ली हैडोंग ने गुरुवार (4 दिसंबर) को 'ग्लोबल टाइम्स' से बातचीत में कहा कि भारत-रूस का रिश्ता बहुत स्ट्रेटेजिक है। साथ ही एक्सपर्ट ने कहा कि बाहरी दबाव या दखलअंदाजी को झेलने में दोनों बहुत मजबूत है। उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नई दिल्ली दौरे को इस बात का साफ इशारा बताया कि जियोपॉलिटिकल उथल-पुथल के बावजूद पार्टनरशिप मजबूत बनी हुई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिन की राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद एयरपोर्ट पर जाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेता एक-दूसरे से गले मिले और फिर एक ही गाड़ी में एयरपोर्ट से रवाना हुए। इस दौरान एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसके साथ ही राजधानी दिल्ली में जगह-जगह लगे स्वागत बैनर इस यात्रा की कूटनीतिक अहमियत को और बढ़ा रहा हैं

ली हैडोंग ने इस बात पर जोर दिया कि न तो मॉस्को और न ही नई दिल्ली पश्चिमी पुशबैक को लेकर चिंतित दिखते हैंउन्होंने कहा, "पुतिन के दौरे के जरिए, भारत और रूस ने मिलकर बाहरी दुनिया को एक साफ संदेश दिया है- कोई भी देश अलग-थलग नहीं है"


PM मोदी और पुतिन यूरेशिया और इंडो-पैसिफिक में डेवलपमेंट पर विचार शेयर करेंगेसाथ ही टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स, स्पेस, इनोवेशन और नए ट्रेड रूट्स में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगेरूस की Tass न्यूज़ एजेंसी ने कहा कि दोनों पक्षों के 10 इंटर-गवर्नमेंटल एग्रीमेंट और 15 से अधिक कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने की उम्मीद है।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री सलाहकार सुधींद्र कुलकर्णी ने रूसी न्यूज़ आउटलेट Sputnik को बताया कि समिट का समय "ग्लोबल दबाव के बीच स्ट्रेटेजिक रूप से महत्वपूर्ण है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि बदलते जियोपॉलिटिकल अलाइनमेंट के बावजूद भारत-रूस पार्टनरशिप की स्थायी गहराई बनी हुई है।

रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन का यह पहला भारत दौरा है। उम्मीद जताई जा रही है कि युद्ध खत्म करने को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हो सकती है। कई कारणों से पीएम मोदी-पुतिन बैठक पर अमेरिका, चीन सहित दुनिया के तमाम देशों की पैनी नजर है। अमेरिका भारत पर मनमाने टैरिफ लगाकर रूस पर भारत की ऊर्जा निर्भरता को कम करने का प्रयास कर रहा है।

हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हित और जनता के हित को सर्वोपरि रखेगा। अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत ने वॉशिंगटन के साथ अपने सैन्य समझौते बनाए रखे हैं। वहीं भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग लंबे समय से मजबूत रहा है, जो पश्चिमी देशों के लिए चिंता का विषय है।

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यूक्रेन युद्ध के बाद ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी रूस का खुलकर विरोध कर रहे हैंऐसे में भारत में होने वाली पीएम मोदी-पुतिन मुलाकात से अमेरिका और यूरोपीय देशों की बेचैनी बढ़नी तय मानी जा रही हैयह दौरा संकेत देता है कि भारत अपनी नीतियों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने में सक्षम है और बाहरी दबाव उसके फैसलों को प्रभावित नहीं कर सकते

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