किन शर्तों पर अमेरिका-ईरान के बीच हुआ सीजफायर? खुलेगा होर्मुज, खाड़ी में आएगी शांति...; जानिए क्या-क्या बदलेगा

Iran Ceasefire Terms: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो उनकी सेना भी सैन्य कार्रवाई रोक देगी। हालांकि, होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय और तकनीकी सीमाओं के अधीन होगी

अपडेटेड Apr 08, 2026 पर 8:17 AM
Story continues below Advertisement
ट्रंप प्रशासन ने अपनी ओर से सैन्य कार्रवाइयों को फिलहाल रोक दिया है

US-Iran Ceasefire: ईरान और अमेरिका के बीच मंडरा रहे युद्ध के बादलों के बीच राहत की बड़ी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्ष विराम का ऐलान किया है। यह समझौता उस समय हुआ है जब कुछ ही घंटों में दोनों देशों के बीच तनाव एक विनाशकारी मोड़ लेने वाला था। पाकिस्तान के कूटनीतिक प्रयासों से संभव हुए इस समझौते का मुख्य उद्देश्य बातचीत के जरिए एक स्थायी समाधान निकालना है।

अमेरिकी हमलों पर लगी रोक

ट्रंप प्रशासन ने अपनी ओर से सैन्य कार्रवाइयों को फिलहाल रोक दिया है। अमेरिका ने हाल ही में ईरान के पुलों, पावर प्लांट और अन्य प्रमुख ठिकानों को तबाह करने की जो चेतावनी दी थी, उसे दो हफ्तों के लिए टाल दिया गया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने अपने सभी 'सैन्य लक्ष्य' पहले ही हासिल कर लिए हैं और यह ब्रेक एक रणनीतिक निर्णय है।


'हमलों पर रोक लगी, तो हम भी रुकेंगे'

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस संघर्ष विराम को सशर्त स्वीकार करने के संकेत दिए हैं। अराघची ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो उनकी सेना भी सैन्य कार्रवाई रोक देगी। हालांकि, होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय और तकनीकी सीमाओं के अधीन होगी। उन्होंने तनाव कम करने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भूमिका की सराहना की।

क्या हैं संघर्ष विराम की क्या है प्रमुख शर्त?

इस संघर्ष विराम की सबसे महत्वपूर्ण शर्त वैश्विक तेल आपूर्ति से जुड़ी है। ईरान इस बात पर सहमत हुआ है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और सुरक्षित रूप से पूरी तरह खोल देगा। दुनिया के कच्चे तेल की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए इसका खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी था।

बातचीत की मेज पर 10 और 15 सूत्रीय फॉर्मूला

यह दो हफ्ते का समय केवल शांति के लिए नहीं, बल्कि बड़े समझौते की तैयारी के लिए है:

ईरान का प्रस्ताव: ईरान ने एक 10-सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है, जिसे अमेरिका ने बातचीत का एक 'व्यावहारिक आधार' माना है।

अमेरिका का प्लान: वहीं अमेरिका ने भी एक 15-सूत्रीय योजना सामने रखी है। दोनों पक्ष अब इन दोनों प्रस्तावों के बीच एक साझा रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

आगे क्या होगा?

यह संघर्ष विराम कूटनीति के लिए एक 'विंडो' की तरह है। आने वाले 14 दिनों में दोनों देशों के राजनयिक एक स्थायी शांति समझौते पर काम करेंगे। चर्चाएं यह भी हैं कि दोनों देशों के बीच आमने-सामने की बातचीत भी हो सकती है, हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान में ईरान के दूत ने इसे 'एक संवेदनशील चरण से आगे बढ़ा हुआ कदम' बताया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।