अल्लाह के नाम... ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कर दिया नया ऐलान, इसे देखकर बौखला जाएंगे ट्रंप

PGSA Strait of Hormuz: ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने साफ किया कि ईरान ने इस जलमार्ग से होने वाले ट्रैफिक को पूरी तरह अपने हिसाब से संचालित करने के लिए यह 'प्रोफेशनल मैकेनिज्म' तैयार किया है। इस रास्ते से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों को ईमेल के जरिए नए रेगुलेशन भेजे जा रहे हैं

अपडेटेड May 18, 2026 पर 4:41 PM
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अब होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को न सिर्फ ईरान के कड़े नियमों का पालन करना होगा, बल्कि भारी टैक्स भी चुकाना पड़ेगा

Hormuz Crisis: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर से चरम पर है। एक तरफ जहां डोनाल्ड ट्रंप 'रेड एरो' वाला नक्शा शेयर कर ईरान पर चौतरफा हमले की धमकी दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने दुनिया की दुखती रग पर अपना शिकंजा पूरी तरह कस दिया है। ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा परिषद ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर एक नए और बेहद शक्तिशाली संगठन 'परशियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' (PGSA) के गठन का ऐलान कर दिया है।

यह नया संगठन दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग होर्मुज पर पूरी तरह से ईरान का संप्रभु नियंत्रण लागू करेगा। अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को न सिर्फ ईरान के कड़े नियमों का पालन करना होगा, बल्कि भारी टैक्स भी चुकाना पड़ेगा।

ईरान का नया संगठन 'PGSA' क्या करेगा?


ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने साफ किया कि ईरान ने इस जलमार्ग से होने वाले ट्रैफिक को पूरी तरह अपने हिसाब से संचालित करने के लिए यह 'प्रोफेशनल मैकेनिज्म' तैयार किया है। ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर के मुताबिक, इस रास्ते से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों को ईमेल के जरिए नए रेगुलेशन भेजे जा रहे हैं।

बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने इस जलमार्ग को लगभग ब्लॉक कर रखा है। दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है, जिसके चलते वैश्विक बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है।

अमेरिका के 5-सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर ईरान का तीखा पलटवार

इस भारी तनाव के बीच ईरान ने सोमवार को अमेरिका द्वारा भेजे गए शांति प्रस्ताव पर अपना आधिकारिक जवाब दे दिया है। हालांकि, ईरानी मीडिया ने अमेरिकी शर्तों को बेहद 'अतिवादी और एकतरफा' करार दिया है। ईरान की 'फार्स' न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका के 5-सूत्रीय प्रस्ताव में ईरान अपने देश में केवल एक परमाणु साइट चालू रखेगा और अपना सारा संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंप देगा, ये शर्तें शामिल थीं।

इन कड़ी शर्तों के बावजूद अमेरिका ने ईरान के जब्त पड़े फंड का 25% हिस्सा भी रिलीज करने से मना कर दिया और युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा देने से भी साफ मुकर गया।

झुकने को तैयार नहीं ईरान

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा, 'हमने अमेरिकी प्रस्ताव पर अपनी गंभीर चिंताएं जताते हुए अपना जवाब भेज दिया है'। उन्होंने पुष्टि की कि इस समय पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए दोनों देशों के बीच बैकचैनल कूटनीतिक बातचीत चल रही है।

बकाई ने ईरान के रुख को साफ करते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा थोपा गया यह युद्ध पूरी तरह अवैध और बेबुनियाद है। ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है, जिसमें शामिल हैं:

  • ईरान पर लगे सालों पुराने सभी आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाया जाए।
  • अमेरिका युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई के लिए ईरान को भारी मुआवजा दे।

ट्रंप की धमकी पर ईरान का दो टूक जवाब

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपने चीन दौरे से लौटते ही ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि, 'ईरान के लिए घड़ी टिक-टिक कर रही है और वे जल्दी फैसला लें, वरना उनका कुछ नहीं बचेगा।'

ट्रंप की इस खुली सैन्य धमकी का जवाब देते हुए ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि 'ईरान किसी भी परिस्थिति और अमेरिकी हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।'

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