एपस्टिन के साथ न जुड़े नाम, इस 'हाई-प्रोफाइल' क्लाइंट ने खर्च किए ₹80 करोड़; खेला गया गूगल सर्च का ये गंदा खेल फिर भी...

Kathryn Ruemmler Jeffrey Epstein Links: इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं कैथरीन रूइमलर, जो पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की व्हाइट हाउस काउंसिल और दिग्गज ग्लोबल बैंक 'गोल्डमैन सैक्स' की पूर्व जनरल काउंसिल रह चुकी हैं। जब मीडिया रिपोर्ट्स में कैथरीन का नाम कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एप्सटीन के साथ जुड़ा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई

अपडेटेड May 18, 2026 पर 4:06 PM
Story continues below Advertisement
इस कंपनी को दुनिया के सबसे बदनाम अपराधी जेफ्री एप्सटीन से जुड़े लिंक और दस्तावेजों को इंटरनेट की दुनिया में दफन करने का काम सौंपा गया था

Google Search Game: जब आप गूगल पर किसी बड़े उद्योगपति, राजनेता या मशहूर हस्ती का नाम सर्च करते हैं, तो आपको लगता है कि जो नतीजे दिख रहे हैं, वे पूरी तरह निष्पक्ष और सच हैं। लेकिन अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट ने इस मुगालते को पूरी तरह तोड़ दिया है।

इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 'टेराकीट' (Terakeet) नाम की एक बेहद सीक्रेट 'रेप्यूटेशन मैनेजमेंट' कंपनी ने मोटी रकम लेकर अमेरिका के सबसे ताकतवर अमीरों, अरबपतियों और विदेशी सरकारों के काले कारनामों को गूगल सर्च से गायब करने का एक खतरनाक नेटवर्क चला रखा था। इस खेल का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा यह है कि इस कंपनी को दुनिया के सबसे बदनाम अपराधी जेफ्री एप्सटीन से जुड़े लिंक और दस्तावेजों को इंटरनेट की दुनिया में दफन करने का काम सौंपा गया था।

क्या करती है यह कंपनी और कितनी है इसकी फीस?


'टेराकीट' कोई आम पब्लिक रिलेशन कंपनी नहीं है। यह सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) और गूगल के एल्गोरिदम की गहरी समझ रखने वाले टेक एक्सपर्ट्स का एक ग्रुप है। इनका काम इंटरनेट से खबरों को डिलीट करना नहीं होता, बल्कि गूगल के सर्च रिजल्ट्स के साथ इस तरह चालाकी करना होता है कि किसी वीआईपी की 'गंदी और बदनाम करने वाली खबरें' गूगल के दूसरे या तीसरे पेज पर चली जाएं, जहां कोई आम यूजर नहीं पहुंचता।

यह कंपनी अपने एक-एक क्लाइंट से सालाना 5 मिलियन से 10 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹40 करोड़ से ₹80 करोड़ तक की मोटी फीस वसूलती है। इस सीक्रेट कंपनी के क्लाइंट्स में वॉलमार्ट, डिज्नी, ओरेकल, जेपी मॉर्गन चेस और मेटलाइफ जैसी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां शामिल रही हैं।

व्हाइट हाउस की पूर्व सलाहकार कैथरीन रूइमलर भी रह चुकी हैं क्लाइंट

इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं कैथरीन रूइमलर, जो पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की व्हाइट हाउस काउंसिल और दिग्गज ग्लोबल बैंक 'गोल्डमैन सैक्स' की पूर्व जनरल काउंसिल रह चुकी हैं। जब मीडिया रिपोर्ट्स में कैथरीन का नाम कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एप्सटीन के साथ जुड़ा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत 'टेराकीट' कंपनी की मदद ली।

कंपनी ने कैथरीन के केस को आंतरिक रूप से 'एसोसिएशन रिस्क' यानी बदनाम व्यक्ति से जुड़े होने का खतरा का नाम दिया। कंपनी का लक्ष्य था कि अगर कोई गूगल पर कैथरीन रूइमलर का नाम सर्च करे, तो पहले पेज के कम से कम 80 फीसदी नतीजे सिर्फ उनकी तारीफ, बिजनेस अचीवमेंट और न्यूट्रल प्रोफाइल वाले होने चाहिए, न कि एप्सटीन से जुड़े।

इसके लिए कंपनी ने इंटरनेट पर कैथरीन की दर्जनों फर्जी और पेशेवर जीवनियां, नए लिंक्डइन पेज और पर्सनल वेबसाइट्स बनाकर गूगल को पूरी तरह 'फ्लड' दिया, ताकि नेगेटिव खबरें नीचे दब जाएं।

...और फिर 'एप्सटीन फाइल्स' ने खेल बिगाड़ दिया

टेराकीट कंपनी कैथरीन की इमेज को पूरी तरह साफ करने ही वाली थी कि साल 2025 के अंत में अमेरिकी संसद और न्याय विभाग ने जेफ्री एप्सटीन से जुड़े लाखों पन्नों के सीक्रेट दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए। इन सरकारी फाइलों में कैथरीन रूइमलर का नाम 10,000 से ज्यादा बार आया था। कुछ ईमेल में वे एप्सटीन के लिए बेहद करीबी और प्यारे शब्दों का इस्तेमाल कर रही थीं और उसके साथ विदेश दौरों की प्लानिंग कर रही थीं।

डेटा का यह सैलाब इतना बड़ा था कि 'टेराकीट' के सारे तकनीकी तिकड़म और एल्गोरिदम फेल हो गए। नतीजतन, भारी बदनामी के बीच कैथरीन को गोल्डमैन सैक्स से इस्तीफा देना पड़ा और आज गूगल पर उनका नाम सर्च करते ही एप्सटीन का काला सच सबसे ऊपर दिखाई देता है।

यूएई के राजदूत और टैक्स चोर अरबपतियों के लिए भी किया काम

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि यह कंपनी सिर्फ कैथरीन ही नहीं, बल्कि कई और ताकतवर लोगों के पाप धो रही थी। यूएई के राजदूत युसूफ अल ओतैबा के खिलाफ मानव तस्करी और सेक्स वर्कर्स से जुड़े गंभीर आरोप वाली एक खोजी रिपोर्ट आई थी। कंपनी ने इंटरनेट पर उनके फर्जी और खूबसूरत बायोडाटा की बाढ़ लाकर उस खबर को गूगल सर्च में काफी नीचे धकेल दिया।

अरबपति रॉबर्ट एफ. स्मिथ पर साल 2020 में इन पर टैक्स चोरी के गंभीर आरोप लगे थे। कंपनी ने इनके नाम से दर्जनों चैरिटी और दान-पुण्य करने वाली वेबसाइट्स बना दीं, जिससे पुरानी टैक्स चोरी की खबरें दब गईं और वे एक 'महान दानी' के रूप में गूगल पर दिखने लगे।

कंपनी पर आरोप है कि उसने बेनामी अकाउंट्स के जरिए विकिपीडिया पर जाकर अपने क्लाइंट्स के पेजों से विवादित जानकारियां हटाईं और तारीफें जोड़ीं। बाद में विकिपीडिया ने इन सभी अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।