अली लारिजानी की मौत के बाद ईरान ने मोहम्मद जोलघद्र को बनाया नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव

US Iran War: मोहम्मद बगेर जोलघद्र जैसे सख्त रुख वाले और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े व्यक्ति की नियुक्ति यह संकेत देती है कि ईरान अब और ज्यादा सुरक्षा-केंद्रित नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है, खासकर तब जब अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव बना हुआ है

अपडेटेड Mar 24, 2026 पर 5:22 PM
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ईरान ने मोहम्मद जोलघद्र को बनाय नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव

मोहम्मद बगेर जोलघद्र को मंगलवार को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव नियुक्त किया गया है। यह पद उन्हें अली लारिजानी की मौत के बाद मिला, जिनकी पिछले हफ्ते एक हमले में जान चली गई थी। जोलघद्र पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) में कमांडर रह चुके हैं और हाल ही में ईरान की एक्सपीडियंसी काउंसिल में सचिव के तौर पर काम कर रहे थे।

बगेर जोलघद्र की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब तेहरान के लिए हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं। हाल ही में हुए हमलों में अली खामेनेई के बाद अली लारिजानी की मौत के बाद ईरान की शीर्ष नेतृत्व संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल देश के सैन्य और रणनीतिक फैसलों को तय करने में अहम भूमिका निभाती है, खासकर युद्ध या तनाव के समय। इसलिए इस पद को देश की सत्ता में बेहद प्रभावशाली माना जाता है।


जोलघद्र जैसे सख्त रुख वाले और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े व्यक्ति की नियुक्ति यह संकेत देती है कि ईरान अब और ज्यादा सुरक्षा-केंद्रित नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है, खासकर तब जब अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव बना हुआ है।

यह फैसला ईरान में चल रहे बड़े नेतृत्व बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है, जहां पिछले कुछ हफ्तों में कई बड़े नेताओं की मौत हो चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जोलघद्र की नियुक्ति से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का प्रभाव और मजबूत होगा और देश के अहम फैसलों में उनकी भूमिका और बढ़ सकती है, ऐसे समय में जब ईरान हाल के सबसे तनावपूर्ण दौर से गुजर रहा है।

मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदें बढ़ीं

इस बीच, मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के खत्म होने की उम्मीदें तब बढ़ीं जब डोनाल्ड ने कहा कि उनकी सरकार तेहरान के साथ “अच्छी और सकारात्मक बातचीत” कर रही है। हालांकि, जमीनी हालात में लड़ाई अभी भी जारी है और ईरान ने साफ किया है कि कोई बातचीत नहीं हो रही।

ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए ईरान को दी गई समय-सीमा बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका 5 दिन तक ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला नहीं करेगा, ताकि बातचीत का मौका मिल सके।

वहीं, ईरान के अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप ने यह कदम “ईरान की सख्त चेतावनी” के बाद पीछे हटते हुए उठाया है।

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