ईरान और चीन के बीच एक ऐसी डिफेंस डील होने जा रही है, जिसने अमेरिका और इजरायल की नींद उड़ा दी है। ईरान अब चीन से 'सुपरसोनिक' मिसाइलें खरीदने के बेहद करीब है, जो समंदर में अमेरिकी युद्धपोतों के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच एक ऐसी खबर आई है जो समंदर की लड़ाई का पूरा रुख बदल सकती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान चीन से बेहद आधुनिक CM-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें खरीदने का सौदा फाइनल करने वाला है। यह डील ऐसे समय पर हो रही है, जब अमेरिका ने ईरान के पास अपनी नौसेना की बड़ी फौज तैनात कर रखी है।
क्यों खतरनाक है CM-302 मिसाइल?
हथियार विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल ईरान की ताकत को कई गुना बढ़ा देगी।
इजरायल और अमेरिका की बढ़ी चिंता
इजरायल के पूर्व खुफिया अधिकारी डैनी सिट्रीनोविच का कहना है कि अगर ईरान को यह सुपरसोनिक क्षमता मिल जाती है, तो यह 'गेमचेंजर' साबित होगा। इन मिसाइलों को बीच हवा में इंटरसेप्ट या रोकना लगभग नामुमकिन है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बातचीत 2 साल पहले शुरू हुई थी, लेकिन पिछले साल जून में ईरान और इजरायल के बीच हुए 12 दिनों के युद्ध के बाद इसमें तेजी आई। ईरान के उप रक्षा मंत्री मसूद ओरई ने हाल ही में चीन का गुप्त दौरा भी किया था।
ट्रंप की चेतावनी और पाबंदियां
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बढ़ते तनाव पर साफ कहा है कि "या तो समझौता होगा, या फिर हमें पिछली बार की तरह कुछ बहुत सख्त कदम उठाने होंगे।" ईरान पर पिछले साल सितंबर में फिर से कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।
चीन, ईरान और रूस हर साल साझा नौसैनिक अभ्यास करते हैं, जो अमेरिका को रास नहीं आता।
यह मिसाइल डील केवल हथियारों की खरीद-बिक्री नहीं है, बल्कि चीन और ईरान के बीच बढ़ते गहरे सैन्य रिश्तों का संकेत है। इससे अमेरिका के लिए ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को रोकना और भी मुश्किल हो जाएगा।