West Asia Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अपनी सबसे घातक और उन्नत मिसाइलों में से एक 'सेजिल' (Sejjil) का पहली बार युद्ध में इस्तेमाल किया है। तेहरान ने इस मिसाइल के जरिए इजरायल और अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। अपने सर्वोच्च लीडर की मौत का बदला लेने के लिए ईरान, अमेरिका के ठिकानों को लगातार टारगेट कर रहा है।
बेहद आधुनिक और खतरनाक है 'सेजिल मिसाइल'
सेजिल ईरान की स्वदेशी तकनीक से विकसित एक मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है। ये चकमा देने में माहिर है इसी वजह से इसे 'डांसिंग मिसाइल' भी कहा जाता है। यह मिसाइल अधिक ऊंचाई पर उड़ते समय अपनी दिशा बदलने और पैंतरेबाजी करने में सक्षम है। इस कारण इजरायल के 'आयरन डोम' जैसे डिफेंस सिस्टम के लिए इसे ट्रैक करना और हवा में नष्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
पुरानी तरल ईंधन वाली मिसाइलों (जैसे शहाब सीरीज) की तुलना में सेजिल ठोस ईंधन से चलती है। इसका मतलब है कि इसे बहुत कम समय में लॉन्च के लिए तैयार किया जा सकता है, जिससे दुश्मन को संभलने का मौका नहीं मिलता।
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के अनुसार, सेजिल मिसाइल की विशेषताएं इस प्रकार हैं:
रेंज: यह मिसाइल लगभग 2,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है, जिससे पूरा इजरायल और खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकाने इसकी जद में आ जाते हैं।
पेलोड: यह करीब 700 किलोग्राम वजन का हथियार (विस्फोटक) ले जाने में सक्षम है।
आकार: इसकी लंबाई 18 मीटर और वजन लगभग 23,600 किलोग्राम है।
तीसरे हफ्ते में पहुंचा ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध
28 फरवरी को शुरू हुआ यह संघर्ष अब और भी घातक मोड़ पर है। रिपोर्टों के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश ईरान में हैं। पेंटागन ने बताया है कि उसने अब तक ईरान के 15,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। साथ ही, अमेरिका ने इस क्षेत्र में USS Tripoli युद्धपोत और 2,500 मरीन सैनिकों को तैनात किया है। इस युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और हवाई मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गए हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई का खतरा बढ़ गया है।