मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जंग बीते एक महीने से जारी है। फिलहाल ये जंग और भी खतरनाक होती दिख रही है। इस जंग के बीच अमेरिका ईरान पर संभावित रूप से जमीनी हमला करने के लिए मिडिल ईस्ट में करीब 10 हजार सैनिक भेजने की प्लानिंग कर रहा है। वहीं जमीनी हमले के आशंका के बीच ईरान ने अपनी सेना के खास कमांडो का एक नया वीडियो जारी किया है और इसके साथ ही अमेरिका को एक कड़ा संदेश भी दिया है।
ईरान के सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ द्वारा जारी इस वीडियो में ईरानी सेना की स्पेशल फोर्स को दिखाया गया है। साथ ही यह कहा गया है कि वे अमेरिकी सैनिकों का सामना करने और उन्हें हराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस वीडियो में “कम क्लोज” (यानी ‘करीब आओ’) जैसे शब्द भी दिखाए गए हैं, जिसे अमेरिका के किसी संभावित जमीनी हमले के लिए सीधी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। यह सब ऐसे समय पर हुआ है, जब बढ़ते तनाव के बीच 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों अमेरिकी पैराट्रूपर मध्य-पूर्व में पहुंचने लगे हैं। इससे पहले ईरान ने कहा था कि, अगर विदेशी सैनिक ईरानी जमीन पर कदम रखते हैं, तो वे सिर्फ ताबूतों में ही लौटेंगे।
ईरान की जमीन पर उतरेंगे अमेरिकी सैनिक!
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना की खास 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिक पश्चिम एशिया में पहुंचने लगे हैं। यह तैनाती ऐसे समय हो रही है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अपने अगले सैन्य कदमों पर विचार कर रहे हैं। नॉर्थ कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में तैनात ये पैराट्रूपर्स अमेरिका की बड़ी सैन्य तैयारी का हिस्सा हैं। इसमें नौसेना के जवान, मरीन, स्पेशल ऑपरेशन फोर्स और अन्य सपोर्ट यूनिट भी शामिल हैं। बताया गया है कि इस हफ्ते के अंत तक करीब 2,500 मरीन पहले ही इस क्षेत्र में पहुंच चुके थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, नई तैनात की गई सेना में 82वीं एयरबोर्न का मुख्यालय का कुछ हिस्सा, लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट स्टाफ, साथ ही एक ब्रिगेड कॉम्बैट टीम भी शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया है कि फिलहाल ईरान में सैनिक भेजने का कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। यह पूरी तैयारी इसलिए की जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर अमेरिका किसी भी संभावित ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए तैयार रहे।
ईरानी सेना द्वारा जारी इस वीडियो का मकसद साफ तौर पर एक कड़ा संदेश देना है। इससे यह संकेत मिलता है कि तेहरान किसी भी सीधे टकराव के लिए तैयार हो रहा है, खासकर अगर हालात हवाई और मिसाइल हमलों से आगे बढ़कर ज़मीनी लड़ाई तक पहुंचते हैं। खास बात यह है कि युद्ध की शुरुआत में ही ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका को ज़मीनी हमले से बचने की चेतावनी दे दी थी।
ईरान के अधिकारी और सैन्य कमांडर बार-बार कह चुके हैं कि अगर अमेरिका कोई ज़मीनी हमला करता है, तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। साथ ही, सरकारी मीडिया के जरिए ऐसे वीडियो और संदेश भी जारी किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य अपनी ताकत दिखाना और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना है। “कम क्लोज” नाम का यह वीडियो भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसमें ईरान की विशेष सेना को पूरी तरह तैयार दिखाया गया है, जो जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सैनिकों का सीधे सामना करने के लिए तैयार है।