ईरान ने अमेरिका को दिया है गहरा 'चोट'! US ठिकानों की मरम्मत पर अरबों होंगे खर्च, ट्रंप को अधिकारियों ने अंधेरे में रखा?

Iran-US War Update: खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को हाल ही में ईरान के हमलों से जितना नुकसान हुआ है, वह सार्वजनिक रूप से बताए गए आंकड़ों से कहीं अधिक है। ईरान के हमलों ने कम से कम सात खाड़ी देशों में कई ठिकानों को निशाना बनाया। इन ठिकानों में गोदाम, कमांड सेंटर, फ्लाइट हैंगर और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम जैसी जगहें शामिल थीं

अपडेटेड Apr 26, 2026 पर 11:38 PM
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Iran-US War Update: ईरान ने US ठिकानों को ट्रंप के अधिकारियों के बताए से कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाया है

Iran-US War Update: अमेरिकी मीडिया हाउस NBC News की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को हाल ही में ईरान के हमलों से जितना नुकसान हुआ है, वह सार्वजनिक रूप से बताए गए नुकसान से कहीं अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की तरफ से ऑपरेशन शुरू करने के बाद से ईरान के हमलों ने कम से कम सात देशों में कई ठिकानों को निशाना बनाया। इन ठिकानों में गोदाम, कमांड सेंटर, फ्लाइट हैंगर और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम जैसी जगहें शामिल थीं।

ईरान के हमलों से रनवे, रडार सिस्टम और कुछ विमानों को भी नुकसान पहुंचा। ये सैन्य आवाजाही और निगरानी के लिए बहुत जरूरी हैं। अमेरिका के पास आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम होने के बावजूद, रिपोर्ट में सुरक्षा में कमियों की बात कही गई है। ईरान का एक F-5 लड़ाकू जेट भी सुरक्षा घेरा तोड़कर हमला करने में कामयाब रहा, जिससे सिक्योरिटी सिट्म में खामियों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

हालांकि, रिपोर्ट में अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस बारे में पूरी डिटेल्स जानकारी नहीं दी है कि ईरान के हमलों से असल में कितना नुकसान हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस एरिया में सैन्य ऑपरेशन संभालता है। उसने नुकसान के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि, कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने इसमें पारदर्शिता की कमी पर निराशा जताई है।


जानकारी छूपा रहे थे अधिकारी?

एक सहयोगी ने कहा कि कई सप्ताह तक जानकारी मांगने के बाद भी उन्हें पूरी स्थिति का पता नहीं चल पाया है। खासकर ऐसे समय में जब पेंटागन रिकॉर्ड-तोड़ ऊंचे बजट की मांग कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, क्षतिग्रस्त ठिकानों और उपकरणों की मरम्मत पर अरबों डॉलर खर्च होने का अनुमान है। इस बड़े पैमाने पर हुई तबाही से वॉशिंगटन में इस बात पर फिर से बहस छिड़ सकती है कि ईरान जैसे विरोधी देशों के इतने करीब US के सैन्य ठिकाने बनाए रखना कितना जोखिम भरा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने अमेरिकी के सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान की सीमा के बारे में सार्वजनिक रूप से विस्तार से जानकारी नहीं दी है। US सेंट्रल कमांड ने भी युद्ध में हुए नुकसान के आकलन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब सैन्य खर्च लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन इस संघर्ष से जुड़े अतिरिक्त खर्चों के लिए 200 अरब डॉलर से अधिक की फंडिंग की मांग कर रहा है। जबकि रक्षा बजट के अन्य प्रस्तावों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

अमेरिका के साथ वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता के बीच तीन दिन में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार (26 अप्रैल) को पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल मुनीर और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद अराघची शनिवार को इस्लामाबाद से रवाना हुए थे।

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वह ओमान गए थे, जहां उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सैद के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और ईरान-अमेरिका संघर्ष को समाप्त करने के लिए राजनयिक प्रयासों पर बातचीत की। बताया जा रहा है कि यह बातचीत पाकिस्तान द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के दूसरे दौर की व्यवस्था करने के लिए जारी शांति प्रयासों पर केंद्रित है।

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