16 ड्रोन, फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर, रेडार सिस्टम और 5 अरब डॉलर का फटका, ईरान युद्ध अमेरिका के लिए बना सिरदर्द, नुकसान जबरदस्त!

US Iran War: 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के तहत अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा हवाई हमला शुरू किया था। तकनीकी रूप से अमेरिका ने इस युद्ध में आसमान पर अपना दबदबा तो कायम किया, लेकिन 2003 के इराक युद्ध की तरह ही, ईरान के पलटवार ने अमेरिका को भारी आर्थिक और सैन्य चोट पहुंचाई है

अपडेटेड Apr 04, 2026 पर 3:24 PM
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US Iran War: ईरान युद्ध अमेरिका के लिए बना सिरदर्द, नुकसान जबरदस्त (AI- IMAGE)

ईरान ने पिछले कुछ घंटों में चल रही जंग में अमेरिक को बहुत तगड़ा झटका दिया है। तेहरान दावा किया कि उसने अमेरिका के दो फाइटर जेट मार गिराए, दो हेलिकॉप्टर पर हमल किया और US एयर फोर्स का एक पायलट भी धर लिया। ये सब ऐसे वक्त पर हुआ, जब हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने खुल कर दावा किया उन्होंने ईरान को बुरी तरह से तोड़ी दिया और अब US एयर फोर्स के विमान बिना किसी खतरे के खुलेआम ईरान के ऊपर उड़ रहे हैं।

'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के तहत अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा हवाई हमला शुरू किया था। तकनीकी रूप से अमेरिका ने इस युद्ध में आसमान पर अपना दबदबा तो कायम किया, लेकिन 2003 के इराक युद्ध की तरह ही, ईरान के पलटवार ने अमेरिका को भारी आर्थिक और सैन्य चोट पहुंचाई है।

आइए एक नजर डालते हैं शुरुआती एक महीने से ज्यादा के इस युद्ध में अमेरिका को हुए सैन्य और आर्थिक नुकसान पर...


सैन्य कर्मियों का नुकसान

हमेशा की तरह, अमेरिका ने अपने सैनिकों की जान बचाने के लिए जबरदस्त तकनीक का सहारा लिया, लेकिन फिर भी वह हताहतों को शून्य पर नहीं रख सका।

आधिकारिक आंकड़ों और सैन्य रिपोर्ट्स के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 15 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। हालांकि, अमेरिका पर ये भी आरोप लग रहे हैं कि इस लड़ाई में हुए अपने नुकसान को वो कम कर के बता रहा है।

द इंटरसेप्ट नाम के मीडिया आउटलेट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 28 फरवरी से अब तक करीब 750 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हो चुके हैं। लेकिन जब इस आंकड़े के बारे में पूछा गया, तो पेंटागन ने इसे मानने से मना कर दिया।

जबकी कुछ दूसरे सैन्य अधिकारियों ने बहुत पुराने और कम आंकड़े दिए। रिपोर्ट में नाम न बताने की शर्त पर रक्षा अधिकारी के हवाले से आरोप लगाया कि अमेरिकी सेना “हताहतों को छुपाने” का खेल खेल रही है।

युद्ध के दौरान सबसे बड़ी मानवीय क्षति तब हुई, जब एक KC-135 स्ट्रेटोटैंकर (ईंधन भरने वाला विमान) हवा में टकराने या तकनीकी खराबी के चलते क्रैश हो गया। इस हादसे में सवार सभी 6 अमेरिकी वायुसैनिक मारे गए थे। इसके अलावा, कुवैत के पोर्ट शुएबा और सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरानी मिसाइल हमलों में अन्य सैनिक मारे गए।

मिडिल ईस्ट में फैले अलग-अलग अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों में 520 से ज्यादा सैन्य कर्मी घायल हुए हैं।

विमानों और ड्रोन का भारी नुकसान

आसमान में अमेरिका की तकनीकी बढ़त के बावजूद, यह पहली बार हुआ है, जब अमेरिका को विमानों के मामले में इतनी भारी कीमत चुकानी पड़ी है।

F-15E स्ट्राइक ईगल: 3 अप्रैल 2026 को ही खबर आई कि ईरान ने मध्य ईरान के ऊपर अमेरिका के एक F-15E फाइटर जेट को मार गिराया। इसके दो क्रू मेंबर्स के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसके अलावा, युद्ध के शुरुआती दिनों में कुवैती एयर डिफेंस की "फ्रेंडली फायर" (गलती से अपने ही साथी पर हमला) की घटना में 3 अन्य F-15E जेट्स को नुकसान पहुंचा था।

AWACS और ईंधन विमान: सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए एक घातक ईरानी हमले में अमेरिका का एक E-3G सेंट्री (AWACS) विमान पूरी तरह नष्ट हो गया, जिसकी कीमत लगभग $500 मिलियन (करीब 4,100 करोड़ रुपये) थी। इसी हमले में 3 कीमती KC-135 स्ट्रेटोटैंकर विमान भी मलबे में तब्दील हो गए।

किलर ड्रोनों की बलि: अमेरिका के जासूसी और हमलावर ड्रोन MQ-9 रीपर (Reaper) को इस युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक लगभग 16 रीपर ड्रोन मार गिराए गए हैं।

  • 13 मार्च 2026: ईरान के बंदर अब्बास इलाके के पास अमेरिका का MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराया गया।
  • 28 मार्च 2026: शिराज के ऊपर अमेरिका का MQ-9 Reaper ड्रोन देखा गया। इसी दौरान इजराइल का एक और ड्रोन (Heron) भी होरमुज़ के पास उड़ता दिखा।
  • 31 मार्च 2026: इस्फहान के ऊपर अमेरिका के दो MQ-9 Reaper ड्रोन नजर आए।
  • 2 अप्रैल 2026: फिर से शिराज इलाके में अमेरिकी ड्रोन देखा गया। साथ ही इजराइल के Hermes 900 ड्रोन को लेकर भी दावे किए गए।
  • 3 अप्रैल 2026: अमेरिका का F-15E फाइटर जेट ईरान के बीचों-बीच मार गिराया गया।
  • 3 अप्रैल 2026: उसी दिन अमेरिका का A-10 Warthog विमान भी पर्शियन गल्फ में गिर गया, बताया गया कि उसे भी हमला करके गिराया गया।

रडार और डिफेंस सिस्टम पर भारी चोट

ईरान ने अमेरिका के "होश" उड़ाने के लिए सबसे पहले उसके सर्विलांस सिस्टम को निशाना बनाया।

अमेरिका के सबसे एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम यानी THAAD (थाड) के रडार इस युद्ध में बुरी तरह डैमेज हुए हैं।

UAE, जॉर्डन और सऊदी अरब में तैनात चार AN/TPY-2 रडार (जिनकी कुल कीमत लगभग $2 बिलियन यानी करीब 16,000 करोड़ रुपये है) ईरानी मिसाइलों की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

कतर के अल उदीद एयर बेस पर लगा अर्ली वार्निंग रडार और बहरीन में मौजूद अमेरिकी '5TH फ्लीट' (नौसेना कमान) के सैटेलाइट कम्युनिकेशन टर्मिनल्स भी मलबे में तब्दील हो गए।

सैन्य अड्डों पर तबाही

मध्य पूर्व में फैले अमेरिका के लगभग 17 से ज्यादा ठिकानों को ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और 'कामीकाजे' यान आत्मघाती ड्रोनों ने सीधे तौर पर निशाना बनाया है।

कुवैत के कैंप आरिफजान, इराक के एयर बेस और बहरीन के नौसैनिक ठिकानों के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

पेंटागन और अन्य रक्षा थिंक-टैंक (जैसे CSIS) का मानना है कि केवल इन अड्डों और हार्डवेयर के नुकसान की भरपाई में ही अमेरिका को भारी बजट खर्च करना पड़ रहा है।

आर्थिक बोझ: 5 अरब डॉलर के पार!

युद्ध केवल गोलियों से नहीं, पैसों से भी लड़ा जाता है। और इस मोर्चे पर अमेरिका को बहुत भारी चोट लगी है।

स्वतंत्र सैन्य विश्लेषकों और मीडिया रिपोर्ट्स के संकलित आंकड़ों के अनुसार, युद्ध के सिर्फ शुरुआती एक महीने में ही अमेरिका को 4.83 अरब डॉलर (लगभग $5 बिलियन) का शुद्ध सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है।

अमेरिका ने इस युद्ध में 40,000 से ज्यादा सैनिकों और दो विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर (USS Abraham Lincoln और USS Gerald R. Ford) को मैदान में उतारा है, जिनका रोजाना का ऑपरेशनल खर्च ही करोड़ों डॉलर में है।

भले ही व्हाइट हाउस और पेंटागन यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने ईरान की 90% नौसेना और मिसाइल मारक क्षमता को ध्वस्त कर दिया है, लेकिन अमेरिका को इस "जीत" के बदले जो कीमत चुकानी पड़ी है, वो बेहद दर्दनाक है।

5 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान, रडार सिस्टम की तबाही और कीमती फाइटर जेट्स का गिरना यह साबित करता है कि ईरान भले ही अमेरिका जितनी बड़ी महाशक्ति न हो, लेकिन वह अमेरिका को लहूलुहान करने की पूरी क्षमता रखता है।

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