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Iran War: अरब देशों के गिड़गिड़ाने पर टला हमला! ईरान के इस 'डेडली प्लान' से थर-थर कांपे सऊदी अरब और UAE

Iran Retaliation Planing: खुफिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सऊदी अरब और यूएई ने पिछले दिनों हुए अमेरिकी-इजराइली हमलों में खुफिया रूप से मदद की थी। इसी नाराजगी के कारण ईरान हर दिन खाड़ी देशों के तेल कुओं, रिफाइनरियों और बंदरगाहों पर सैकड़ों मिसाइलें दागने का प्लान बना चुका है, जिससे पूरी दुनिया में कच्चे तेल का महासंकट खड़ा हो जाएगा

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड May 19, 2026 पर 9:46 AM
Iran War: अरब देशों के गिड़गिड़ाने पर टला हमला! ईरान के इस 'डेडली प्लान' से थर-थर कांपे सऊदी अरब और UAE
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर दोबारा हवाई हमले शुरू किए, तो इस बार ईरान का पलटवार बेहद विनाशकारी होने वाला है

Iran Retaliation Plan: मिडिल ईस्ट में जारी युद्धविराम इस समय बारूद के ढेर पर खड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'रेड एरो' वाला मिलिट्री मैप शेयर किए जाने और फिर खाड़ी देशों के अनुरोध पर हमले को कुछ समय के लिए टालने के दावों के बीच एक बेहद डराने वाली रिपोर्ट सामने आई है।

'द न्यू यॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर दोबारा हवाई हमले शुरू किए, तो इस बार ईरान का पलटवार बेहद विनाशकारी होने वाला है। ईरान इस बार सिर्फ इजरायल को नहीं, बल्कि UAE, सऊदी अरब और कुवैत जैसे अमीर खाड़ी देशों को निशाना बनाने की प्लानिंग कर चुका है। ईरान का मकसद दुनिया की पूरी अर्थव्यवस्था और तेल सप्लाई चेन को तहस-नहस करना है।

'लंबा नहीं चलेगा अगला युद्ध, होगी भयंकर तबाही'

जर्मन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल एंड सिक्योरिटी अफेयर्स के सुरक्षा विशेषज्ञ हामिदरेजा अजीजी के मुताबिक, इस साल के शुरूआती दौर की जंग में ईरान का अनुमान था कि लड़ाई कम से कम 3 महीने चलेगी। इसलिए उसने अपने मिसाइलों के जखीरे को बचा-बचाकर इस्तेमाल किया था।

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