ईरान पर फिर हमला शुरू करने ही वाले थे ट्रंप कि उनके पास आ गई ये रिक्वेस्ट, फिर नए आदेश हुए जारी

Donald Trump: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर एक बड़ा सैन्य हमला शुरू करने ही वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर खाड़ी देशों के शीर्ष नेताओं की एक सीक्रेट रिक्वेस्ट के बाद उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए।

अपडेटेड May 19, 2026 पर 7:18 AM
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ईरान पर फिर हमला शुरू करने ही वाले थे ट्रंप कि उनके पास आ गई ये रिक्वेस्ट

Donald Trump: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर एक बड़ा और निर्णायक सैन्य हमला शुरू करने ही वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर खाड़ी देशों (Gulf Countries) के शीर्ष नेताओं की एक सीक्रेट रिक्वेस्ट के बाद उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर इस बात का खुलासा किया है कि मंगलवार को होने वाले इस हमले को फिलहाल टाल दिया गया है, लेकिन अमेरिकी सेना को शॉर्ट नोटिस पर पूरी तरह तैयार रहने के नए आदेश जारी किए गए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर एक चौंकाने वाली पोस्ट शेयर की। ट्रंप ने दावा किया कि मंगलवार को ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना का एक बड़ा हवाई और सैन्य हमला शुरू होने वाला था। इस हमले को अब रोक दिया गया है।

ट्रंप के पास आई कतर, सऊदी और UAE की रिक्वेस्ट


डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पर होने वाले हमले को फिलहाल होल्ड पर डाल दिया है। ट्रंप के मुताबिक यह फैसला कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के नेताओं के रिक्वेस्ट के बाद लिया गया है। खाड़ी देशों के इन सहयोगी देशों ने ट्रंप को बताया है कि इस समय पर्दे के पीछे बेहद गंभीर बातचीत और समझौते का प्रयास चल रहा है। ट्रंप ने लिखा कि खाड़ी देशों के हमारे सहयोगियों का मानना है कि एक समझौता हो जाएगा। इसके तहत ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे! इसलिए मैंने अमेरिकी सेना को सूचित कर दिया है कि हम कल ईरान पर तय हमला नहीं कर रहे हैं।

सेना को नए आदेश: एक झटके में तबाह कर दो!

हमला टालने के साथ ही ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी भी दी है। उन्होंने अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि अगर एक तय समय सीमा के भीतर कोई समझौता नहीं होता है, तो पलक झपकते ही ईरान पर फुल, लार्ज-स्केल असॉल्ट शुरू कर दिया जाए। सेना को मोमेंट नोटिस के लिए तैयार रहने को कहा गया है। आपको बता दें कि हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलकर लौटे ट्रंप ने रविवार देर रात भी ईरान को धमकाते हुए कहा था कि घड़ी की सुइयां टिक-टिक कर रही हैं। अगर शांति समझौता नहीं हुआ, तो ईरान का नामोनिशान नहीं बचेगा।

फरवरी से पूरी दुनिया घिरी हुई है युद्ध संकट से

फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर संयुक्त एयरस्ट्राइक की थी। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में युद्ध जारी है। अप्रैल में सीजफायर हुआ था, लेकिन शांति वार्ताएं आगे नहीं बढ़ सकीं। वहीं इरानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वॉशिंगटन ने ईरान के सामने 5 सूत्रीय प्रस्ताव रखा है। इसमें मांग की गई है कि ईरान केवल अपना एक परमाणु ठिकाना चालू रखेगा। अपना इनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंप देगा। ग्लोबल फ्यूल सप्लाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को तुरंत पूरी तरह खोलेगा। ये स्ट्रैटिजिक रूट जंग की शुरुआत से ही लगभग बंद है।

ईरान का पलटवार और नया दांव

इस बीच तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर अपना रणनीतिक नियंत्रण नहीं छोड़ेगा। सोमवार को ही ईरान ने इस समुद्री रास्ते की निगरानी के लिए एक नया संगठन परशियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) बनाया है। यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस रास्ते की लाइव अपडेट देगा।

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