OpenAI और सैम ऑल्टमैन के खिलाफ केस हार गए एलन मस्क, ये मामला क्या था और कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया सब जानिए

Elon Musk OpenAI Lawsuit: बीती 28 अप्रैल से शुरू हुए इस मुकदमे में 11 दिनों तक गवाहों के बयान और तीखी बहसें हुईं। इस दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने एक-दूसरे की नीयत और विश्वसनीयता पर जमकर कीचड़ उछाला। मस्क के वकील स्टीवन मोलो ने अपनी अंतिम दलील में कहा कि कई गवाहों ने सैम ऑल्टमैन की ईमानदारी पर सवाल उठाए हैं

अपडेटेड May 19, 2026 पर 8:09 AM
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मस्क का दावा था कि सैम ऑल्टमैन और उनकी कंपनी एआई सुरक्षा को दरकिनार कर केवल अपने निवेशकों और अंदरूनी लोगों को अमीर बनाने में जुटी है

Elon Musk Case: दुनिया के सबसे अमीर और मशहूर उद्योगपति एलन मस्क (Elon Musk) को सबसे बड़ी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस कंपनी ओपनएआई (OpenAI) और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) के खिलाफ कानूनी लड़ाई में तगड़ा झटका लगा है। अमेरिकी कोर्ट की जूरी ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में एलन मस्क के दावों को खारिज करते हुए ओपनएआई के पक्ष में सर्वसम्मति से फैसला सुनाया है। आपको बता दें कि यह केस न सिर्फ दो दिग्गजों की व्यक्तिगत लड़ाई थी, बल्कि इसे एआई के भविष्य और इसके व्यावसायिक इस्तेमाल की दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक टर्निंग पॉइंट माना जा रहा था।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कैलिफोर्निया के ऑकलैंड की फेडरल कोर्ट में सोमवार को अमेरिकी जूरी ने एलन मस्क द्वारा ओपनएआई पर किए गए मुकदमे को खारिज कर दिया। जूरी ने सर्वसम्मति से दिए अपने फैसले में कहा कि ओपनएआई इस बात के लिए उत्तरदायी नहीं है कि वह मानवता की भलाई के अपने मूल मिशन से भटकी है। इसके साथ ही कोर्ट ने तकनीकी आधार पर मस्क के दावों को कमजोर पाते हुए कहा कि मस्क ने यह केस दर्ज करने में बहुत देर कर दी थी।

क्या था पूरा मामला और मस्क के आरोप?


एलन मस्क ओपनएआई के सह-संस्थापकों में से एक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि ओपनएआई ने अपनी स्थापना के समय किए गए नॉन प्रॉफिट मिशन और वादे को तोड़ दिया है। मस्क का दावा था कि सैम ऑल्टमैन और उनकी कंपनी एआई सुरक्षा को दरकिनार कर केवल अपने निवेशकों और अंदरूनी लोगों को अमीर बनाने में जुटी है। मस्क ने दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट को भी लपेटे में लेते हुए कहा था कि माइक्रोसॉफ्ट अच्छी तरह जानती थी कि ओपनएआई परोपकार से ज्यादा मुनाफे पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

11 दिनों तक चली बहस में व्यक्तिगत वार-पलटवार

बीती 28 अप्रैल से शुरू हुए इस मुकदमे में 11 दिनों तक गवाहों के बयान और तीखी बहसें हुईं। इस दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने एक-दूसरे की नीयत और विश्वसनीयता पर जमकर कीचड़ उछाला। मस्क के वकील स्टीवन मोलो ने अपनी अंतिम दलील में कहा कि कई गवाहों ने सैम ऑल्टमैन की ईमानदारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जूरी से कहा कि सैम ऑल्टमैन की विश्वसनीयता सीधे तौर पर सवालों के घेरे में है। अगर आप उन पर भरोसा नहीं करते, तो ओपनएआई यह केस नहीं जीत सकती।

जवाब में ओपनएआई के वकील विलियम सैविट ने मस्क पर ही तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि मिस्टर मस्क के पास कुछ क्षेत्रों में मिडास टच हो सकता है, लेकिन एआई के क्षेत्र में ऐसा बिल्कुल नहीं है। कंपनी का तर्क था कि मस्क खुद फाइनेंशियल इंट्रेस्ट से प्रेरित हैं और उन्होंने इस समझौते के उल्लंघन का दावा करने के लिए बहुत लंबा इंतजार किया।

100 अरब डॉलर का निवेश और 1 ट्रिलियन की कंपनी

इस ट्रायल के दौरान कई चौंकाने वाले आंकड़े भी सामने आए। माइक्रोसॉफ्ट के एक बड़े अधिकारी ने गवाही देते हुए कोर्ट में खुलासा किया कि उनकी कंपनी ने ओपनएआई के साथ साझेदारी में अब तक 100 अरब डॉलरसे अधिक का निवेश किया है। अभी ओपनएआई एआई मार्केट में एंथ्रोपिक (Anthropic) और मस्क की अपनी कंपनी xAI को कड़ी टक्कर दे रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो ओपनएआई जल्द ही अपना आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में है। इससे कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर (1 लाख करोड़ डॉलर) के करीब पहुंच सकती है।

मस्क की भी है बड़ी तैयारी

भले ही मस्क यह केस हार गए हों, लेकिन बिजनेस के मोर्चे पर वह पीछे नहीं हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, मस्क की एआई कंपनी xAI अब स्पेसएक्स (SpaceX) का हिस्सा बन चुकी है। स्पेसएक्स भी अपने एक मेगा आईपीओ की तैयारी में है। रिपोर्ट्स का दावा है कि साइज के मामले में ये आईपीओ ओपनएआई को भी पीछे छोड़ सकता है।

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