अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका ने बातचीत के दौरान ईरान के तेल सेक्टर पर लगे कुछ प्रतिबंध अस्थायी तौर पर हटाने पर सहमति जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, नए ड्राफ्ट प्रस्ताव में पहले के मुकाबले बड़ा बदलाव यह है कि अब कुछ अमेरिकी प्रतिबंध अंतिम समझौते से पहले ही अस्थायी रूप से हटाए जा सकते हैं।
ईरान अब भी इस बात पर अड़ा हुआ है कि किसी भी स्थायी समझौते के लिए अमेरिका को सभी प्रतिबंध पूरी तरह हटाने होंगे। तेहरान का कहना है कि भविष्य के किसी भी समझौते में प्रतिबंध हटाना अमेरिका की पक्की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
हालांकि, अमेरिका फिलहाल सिर्फ अस्थायी राहत देने की बात कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन ने सुझाव दिया है कि अंतिम समझौता होने तक OFAC यानी ऑफिस ऑफ फॉरेन असेट्स कंट्रोल के कुछ प्रतिबंधों में छूट दी जा सकती है।
इससे पहले Reuters ने रिपोर्ट दी थी कि ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए नया संशोधित प्रस्ताव अमेरिका को भेजा है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए पहुंचाया गया।
हाल के दिनों में पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की मेजबानी भी की थी, लेकिन बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
ईरान ने सोमवार को कहा कि उसने अमेरिका के नए प्रस्ताव का जवाब दे दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द शांति समझौता नहीं हुआ तो “ईरान का कुछ भी नहीं बचेगा।”
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है। उन्हें बहुत जल्दी कदम उठाना होगा, वरना उनके पास कुछ नहीं बचेगा।”
खाड़ी देशों में फिर बढ़ा तनाव
अस्थायी युद्धविराम के बावजूद हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
सऊदी अरब ने दावा किया कि उसने इराक के एयर स्पेस से आए तीन ड्रोन मार गिराए। वहीं UAE ने कहा कि उसकी बराकाह न्यूक्लियर प्लांट में एक ड्रोन की वजह से आग लग गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिमी दिशा से तीन ड्रोन UAE में दाखिल हुए थे।
फरवरी के आखिर में अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद शुरू हुआ यह संघर्ष अब पूरे मिडिल ईस्ट को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है और तेल की कीमतों में भी उछाल देखा गया है।