अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद ईरान ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा था कि आज रात ईरान की पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वो ऐसा नहीं चाहते, लेकिन शायद ऐसा हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद ईरान ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा था कि आज रात ईरान की पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वो ऐसा नहीं चाहते, लेकिन शायद ऐसा हो सकता है।
इस पर ईरान ने जवाब देते हुए कहा, 'आप (ट्रंप) और आपके सहयोगियों को ईरान की प्राचीन सभ्यता की ओर से ऐसा जवाब मिलेगा, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।'
अमेरिका से बातचीत के रास्ते बंद
Reuters के मुताबिक, ईरानी मीडिया ने बताया है कि ईरान ने अमेरिका के साथ सभी कूटनीतिक और अप्रत्यक्ष बातचीत के रास्ते बंद कर दिए हैं। ट्रंप की धमकी के बाद दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान भी रोक दिया गया है।
एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने कहा कि हमारा देश 'खोखले वादों' के बदले होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोलेगा। इससे साफ है कि युद्धविराम और क्षेत्रीय तनाव को लेकर अब रुख और सख्त हो गया है।
तुर्किये में ईरानी दूतावास का बयान
तुर्किये में ईरान के दूतावास ने X पर पोस्ट कर हालिया धमकियों को खारिज किया। बयान में कहा गया, 'अलेक्जेंडर ने इसे जलाया, मंगोलों ने इसे तबाह किया, इतिहास ने इसे परखा... फिर भी ईरान कायम है। किसी सनकी की धमकी वो चीज खत्म नहीं कर सकती, जिसे वक्त भी नहीं कर पाया।'
ट्रंप की डेडलाइन और सख्त चेतावनी
ट्रंप ने ईरान को मंगलवार आधी रात (GMT) तक का समय दिया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को खोल दे। यह एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है, जिससे दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और अन्य सामान के रूप में गुजरता है।
सोमवार को ट्रंप ने यह भी कहा कि जो अस्थायी युद्धविराम प्रस्ताव चल रहा है, वह पर्याप्त नहीं है।
ईरान ने दबाव ठुकराया
ईरान ने अमेरिकी दबाव को खारिज कर दिया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान सिर्फ युद्धविराम नहीं, बल्कि पूरी तरह युद्ध खत्म करने की मांग कर रहा है।
आखिरी वक्त पर समझौते के संकेत
अपने Truth Social पोस्ट में ट्रंप ने आखिरी समय में समझौते की संभावना भी खुली रखी। उन्होंने लिखा कि अगर पूरी तरह शासन परिवर्तन होता है और ज्यादा समझदार नेतृत्व आता है, तो कुछ बड़ा और अच्छा हो सकता है। यह आज रात पता चल जाएगा।
ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि मंगलवार शाम से अमेरिकी सेना ईरान के हर पुल को नष्ट कर सकती है और हर पावर प्लांट को ठप कर सकती है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा कदम युद्ध अपराध माना जा सकता है।
खर्ग द्वीप पर हमले जारी
28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल के लड़ाकू विमान लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं। मंगलवार को भी ट्रंप के बयान से पहले ईरान ने कहा कि उसका अहम तेल निर्यात केंद्र खर्ग द्वीप हमले की चपेट में है।
कुल मिलाकर, हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। एक तरफ धमकियां बढ़ रही हैं, दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते बंद होते दिख रहे हैं। इससे क्षेत्र में बड़े संघर्ष का खतरा और गहरा गया है।
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