US Embassy In Kuwait: कुवैत के उस इलाके में सोमवार (2 मार्च) को धुआं उठता देखा गया जहां अमेरिकी दूतावास स्थित है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि कुवैत सिटी स्थित अमेरिकी दूतावास पर ईरानी हमले की आशंका है। हालांकि इसकी अभी तत्काल पुष्टि नहीं हो पाई। BBC के मुताबिक, कुवैत में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने लोगों से कहा है कि वे एम्बेसी न आएं। बल्कि अपने घर में सुरक्षित रहें।
कुवैत में अमेरिकी दूतावास के पास रहने वाले मिस्र के श्रमिक अयमान मोआद ने न्यूज एजेसी AFP को बताया कि उसने सोमवार को इलाके में धुआं देखा। फिलहाल, हताहतों या नुकसान के बारे में कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, अयमान को यह जानकारी नही थी कि क्या यह हमला विशेष रूप से उस दूतावास को निशाना बनाकर किया गया था।
इससे पहले, अमेरिका ने वहां मौजूद अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और घरों के भीतर रहने की तत्काल चेतावनी जारी की थी। चेतावनी में बिना विस्तार से जानकारी दिए कहा गया था, "दूतावास न आएं।" इसके अलावा दुबई में भी कुछ स्थानों पर सोमवार को विस्फोट की आवाजें सुनाई दीं।
ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सोमवार (2 मार्च) को खाड़ी देशों पर मिसाइल हमला तेज कर दिया है। सोमवार (2 मार्च) सुबह दुबई, दोहा और अबू धाबी समेत खाड़ी के कई बड़े शहर धमाकों से दहल उठे। इसके अलावा इजरायल के तेल अवीव में भी एयर रेड सायरन बजते सुना गया।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे अधिक आबादी वाले शहरों दुबई और अबू धाबी में भी धमाकों की आवाजें गूंज रही हैं। अमेरिका-इजरायल के एयर हमलों के जवाब में तेहरान अपने खाड़ी पड़ोसियों को निशाना बना रहा है। तेल अवीव और यरुशलम में भी ईरान की तरफ से हमले की खबर आ रही है।
ईरान के तेल और गैस से भरपूर खाड़ी के पड़ोसी देशों में अमेरिका के कई मिलिट्री बेस हैं। एयरपोर्ट और सीपोर्ट से लेकर रिहायशी इमारतों और होटलों तक खाड़ी में सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ है। रविवार को ईरान ने बहरीन की राजधानी मनामा में एयरपोर्ट पर ड्रोन ने हमला किया, जिससे थोड़ा नुकसान हुआ।
इस बीच, साइप्रस सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि दक्षिणी तट पर स्थित एक ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला हुआ है। हालांकि इस हमले में सीमित क्षति हुई है। प्रवक्ता कॉन्स्टैन्टिनोस लेटिम्बियोटिस ने कहा कि आरएएफ अक्रोतिरी में यह घटना सोमवार को घटी। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से मिली जानकारी से पता चलता है कि यह ड्रोन हमला था।
हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ड्रोन किस तरह का था, उसे कहां से छोड़ा गया था और नुकसान कितना हुआ। लेटिम्बियोटिस ने कहा कि साइप्रस के अधिकारियों ने सुरक्षा उपाय किए हैं। ब्रिटेन के साथ तथा साइप्रस में मौजूद उसके दो सैन्य अड्डों के साथ समन्वय से हालात पर नजर रखी जा रही है। यह संदिग्ध ड्रोन हमला ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर के उस बयान के बाद हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध में ब्रिटेन अमेरिका की मदद करेगा।