'हमें बस एक बार बुलाओ....', ईरानी पुलिस चीफ ने की ग्रीनलैंड को ट्रंप से बचाने की पेशकश; युद्ध के बीच छिड़ी जुबानी जंग

Iran-Greenland: ईरानी पुलिस चीफ ने कहा, 'ट्रंप ने कहा कि अगर EU होर्मुज में मदद करने नहीं आता है, तो हम ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेंगे। मैं यूरोपीय संघ से कहना चाहता हूं कि, 'अगर आप अपने ग्रीनलैंड की रक्षा नहीं कर सकते, तो बस हमें एक बार बुलाएं, हम इसकी रक्षा के लिए आएंगे'

अपडेटेड Mar 22, 2026 पर 9:22 AM
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ट्रंप लंबे समय से रणनीतिक और सुरक्षा कारणों से 'ग्रीनलैंड' को अमेरिका का हिस्सा बनाने की बात करते रहे हैं

Greenland-Iran: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक ऐसा कूटनीतिक बयान सामने आया है जिसकी खूब चर्चा हो रही है। दरअसल पर सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ईरान के पुलिस प्रमुख, ब्रिगेडियर जनरल अहमद रजा रादान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मजाक उड़ाते हुए यूरोपीय संघ (EU) को एक अनोखा 'ऑफर' दिया है। आइए आपको बताते हैं आखिर क्या है उनका ऑफर जिसकी हो रही चर्चा।

'ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए तैयार है हम'

जनरल रादान ने ट्रंप की ग्रीनलैंड को खरीदने या कब्जाने की पुरानी और हालिया इच्छाओं पर चुटकी लेते हुए कहा, 'ट्रंप पहले यूरोपीय संघ को धमकी देते हैं और फिर उनसे भीख मांगते हैं'। उन्होंने कहा, 'आज ट्रंप ने कहा कि अगर EU होर्मुज में मदद करने नहीं आता है, तो हम ग्रीनलैंड पर कब्जा कर लेंगे। मैं यूरोपीय संघ से कहना चाहता हूं कि, 'अगर आप अपने ग्रीनलैंड की रक्षा नहीं कर सकते, तो बस हमें एक बार बुलाएं, हम इसकी रक्षा के लिए आएंगे।' यह वीडियो खूब वायरल है, लेकिन इसकी तारीख और स्थान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।


क्या है ट्रंप और ग्रीनलैंड का विवाद

डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से रणनीतिक और सुरक्षा कारणों से डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र 'ग्रीनलैंड' को अमेरिका का हिस्सा बनाने की बात करते रहे हैं। ट्रंप का मानना है कि आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड का अमेरिका के पास होना जरूरी है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकारों ने बार-बार स्पष्ट किया है कि 'ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है।'

युद्ध के मैदान बीच तनाव चरम पर

यह जुबानी जंग ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच सीधा युद्ध चल रहा है। 28 फरवरी को सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर रास्ता नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट को तबाह कर देगा।

ईरान ने पलटवार करते हुए कहा है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ, तो वह क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकानों, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और 'डिसेलिनेशन' यानी पानी साफ करने वाले प्लांट को निशाना बनाएगा।

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