Strait Of Hormuz: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर अगले 48 घंटों के भीतर ईरान ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को पूरी तरह से नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों को नेस्तनाबूद कर देगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेहद सख्त भाषा में लिखा, 'अगर ईरान 48 घंटे के भीतर बिना किसी खतरे के होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका उनके विभिन्न पावर प्लांट को निशाना बनाएगा और उन्हें मिटा देगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि हमलों की शुरुआत ईरान के सबसे बड़े बिजली घर से की जाएगी।'
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन वे फिलहाल किसी भी तरह की बातचीत के मूड में नहीं हैं। उन्होंने लिखा, 'उनका नेतृत्व खत्म हो चुका है, उनकी नौसेना और वायु सेना मर चुकी है, उनके पास कोई बचाव नहीं है।'
क्यों अहम है होर्मुज का रास्ता?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की 'ऊर्जा नस' मानी जाती है। दुनिया के कुल तेल का लगभग 20%, करीब 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन इसी संकरे रास्ते से गुजरता है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने इसे वैश्विक तेल बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा व्यवधान बताया है। ईरान द्वारा इस रास्ते को बंद करने के कारण कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई का खतरा बढ़ गया है।
'दूसरे देश खुद करें सुरक्षा'
ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिका अकेले इस रास्ते की सुरक्षा का ठेका नहीं लेगा। ट्रंप का कहना है कि जो देश इस रास्ते का उपयोग करते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा और पुलिसिंग की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बार जब ईरान का खतरा खत्म हो जाएगा, तो इन देशों के लिए इस रास्ते को सुरक्षित रखना एक 'आसान सैन्य ऑपरेशन' होगा। अमेरिका केवल जरूरत पड़ने पर सहायता करेगा।