ईरान की सेना की स्पेशल यूनिट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उनकी नौसेना दो जहाजों को रोकते और कब्जे में लेते हुए नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि ये जहाज Epaminondas, जो भारत की ओर जा रहा था और MSC Francesca थे, जिन्हें होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में रोका गया। वीडियो में दिख रहा है कि ईरानी झंडे लगी स्पीडबोट्स जहाजों के पास पहुंचती हैं, फिर हथियारों से लैस सैनिक जहाज पर चढ़ जाते हैं।
ईरान की न्यूज एजेंसी Nour News के मुताबिक, Epaminondas को पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन जब उसने नहीं मानी तो उस पर फायरिंग की गई। इसके अलावा एक और जहाज Euphoria पर भी गोली चलाई गई, जिसके बाद वह रुक गया।
IRGC का कहना है कि इन जहाजों ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
IRGC के मुताबिक, MSC Francesca “जायनिस्ट शासन” से जुड़ा जहाज है, जबकि Epaminondas पर आरोप है कि वह नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ कर रहा था और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाल रहा था।
ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि होर्मुज में उसके नियमों के खिलाफ कोई भी गतिविधि या जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालना “रेड लाइन” माना जाएगा।
US ट्रंप का सीजफायर बढ़ाने का ऐलान
इस टकराव के कुछ ही घंटे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अस्थायी युद्धविराम को अनिश्चित समय के लिए बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझदारी से काम ले और कोई समझौता करे, तो वह अपनी स्थिति को काफी बेहतर बना सकता है और एक मजबूत देश बन सकता है।
ईरान का अमेरिका पर “डबल स्टैंडर्ड” का आरोप
वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका पर “दोहरा रवैया” अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहा है, लेकिन अविश्वास, दबाव और धमकियां ही असली रुकावट हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले 36 से 72 घंटे में बातचीत का नया दौर शुरू हो सकता है, लेकिन अभी तक ईरान ने इसमें शामिल होने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
कुल मिलाकर, हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं और आने वाले दिनों में क्या होगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।