दुनिया के दिग्गज स्टील कारोबारी लक्ष्मी मित्तल यूनाइटेड किंग्डम (यूके) छोड़ने का प्लान बना रहे हैं। वह किसी दूसरे देश में बस सकते हैं। 'नॉन-डोम' टैक्स रीजीम इसकी वजह है। दरअसल, यूके की सरकार ने इस टैक्स को खत्म करने का फैसला किया है। मित्तल सरकार के इस फैसले से खुश नहीं है। फाइनेंशियल टाइम्स ने यह खबर दी है। ध्यान में रखने वाली बात है कि मित्तल दुनिया के सबसे अमीर लोगों के टॉप 10 लिस्ट में शामिल हैं।
बीते 30 सालों से यूके में रह रहे हैं लक्ष्मी मित्तल
Lakshmi Mittal बीते 30 साल से यूके में रह रहे हैं। उन्होंने अपने करीबी लोगों को यूके छोड़ने के प्लान के बारे में बताया है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि उन्होंने अपने करीबी लोगों से कहा है कि यूके छोड़ने के उनके फैसले की वजह सैकड़ों सालों से चल रही एक खास टैक्स रीजीम को खत्म करने का फैसला किया है। मित्तल के एक दोस्त ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया,"वह (मित्तल) अपने ऑप्शंस पर विचार कर रहे हैं। वह इस साल इस बारे में अंतिम फैसला लेंगे। इस बात की ज्यादा उम्मीद है कि वह यूके के टैक्स रेजिडेंट नहीं रह जाएंगे।"
नॉन-डोम टैक्स रीजीम का मतलब
नॉन-डोम टैक्स रीजीम 226 साल पुरानी है। इसके तहत ब्रिटेन में रह रहे ऐसे लोगों को अपनी विदेशी इनकम पर टैक्स चुकाने से छूट मिलती है, जिनका स्थायी घर किसी दूसरे देश में है। मार्च 2024 में तत्कालीन ब्रिटिश वित्तमंत्री जेरेमी हंट ने इस टैक्स रीजीम को हटाने का ऐलान किया था। बाद में नई वित्तमंत्री रेचेल रीव्स ने भी अक्टूबर में अपने बजट में इस रीजीम को खत्म करने का ऐलान किया था। उन्होंने इनहेरिटेंस टैक्स रूल्स को भी कड़ा किया है। इससे ऑफशोर ट्रस्ट्स टैक्स-एवॉयडमेंस मैकेनिज्म का फायदा नहीं उठा सकेंगे। नॉन-डोम टैक्स रीजीम खत्म होने से स्टील को काफी टैक्स चुकाना पड़ेगा।
14 अरब पौंड से ज्यादा है लक्ष्मी मित्तल की संपत्ति
Sunday Times Rich List में पिछले साल लक्ष्मी मित्तल सातवें पायदान पर थे। उनकी वेल्थ करीब 14.9 अरब पौंड है। यूके के अलावा यूरोप, अमेरिका और एशिया में उनकी करोड़ों पौंड की प्रॉपर्टीज हैं। इनमें लंदन के केनसिंग्टन पैलेस गार्डन स्थित उनका महल शामिल है। इसके अलावा स्विस रिजॉर्ट टाउन सेंट मॉर्टि्ज में उनका शैले (पहाड़ पर बना लकड़ी का घर) है। उन्होंने दुबई में भी रियल एस्टेट में इनवेस्ट किया है।
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2021 में आर्सेलरमित्तल का सीईओ पद छोड़ दिया था
मित्तल के बारे में खास बात यह है कि वह दुनिया के ऐसे बिलियनेयर हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति खुद बनाई है। उन्होंने अपने स्टील बिजनेस का काफी विस्तार किया। आर्सेलरमित्तल (ArcelorMittal) स्टील बनाने वाली दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। 2021 में उन्होंने CEO पद को छोड़ दिया। उन्होंने अपने कंपनी का नेतृत्व अपने बेटे आदित्य मित्तल को सौंप दिया। वह अब कंपनी के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। आर्सेलरमित्तल 24 अरब यूरो की कंपनी है। इस कंपनी में मित्तल परिवार की 40 फीसदी हिस्सेदारी है।