Middle East Crisis: दुनिया क्रूड के लिए तरस रही, ईरान ऑयल बेचकर करोड़ों डॉलर कमा रहा

मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद ईरान को क्रूड ऑयल के मामले में दो तरफ से फायदा हुआ है। पहला क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही हैं। उसने बहुत कम डिस्काउंट पर क्रूड ऑयल का निर्यात किया है। उसने ज्यादातर चीन को निर्यात किया है

अपडेटेड Mar 26, 2026 पर 7:01 PM
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अमेरिका और इजरायल के ईरान पर लगातार हमला करने के बावजूद तेहरान अपनी इनकम के स्रोत को बंद नहीं होने दिया है।

ईरान ने मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद से अतिरिक्त करोड़ों डॉलर की कमाई की है। उसे क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का बड़ा फायदा मिला है। लड़ाई के बीच ईरान ऐसा अकेला ऑयल एक्सपोर्टर देश है, जिसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल किया। अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को पहले ईरान पर हमले शुरू किए थे। फिर ईरान ने जवाबी हमले किए। तब से यह लड़ाई चल रही है।

क्रूड की कीमतों में उछाल से ईरान को फायदा

मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद ईरान को क्रूड ऑयल के मामले में दो तरफ से फायदा हुआ है। पहला क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही हैं। उसने बहुत कम डिस्काउंट पर क्रूड ऑयल का निर्यात किया है। उसने ज्यादातर चीन को निर्यात किया है। इस महीने ईरान का क्रूड का रोजाना का निर्यात करीब 16 लाख बैरल रहा है, जो लड़ाई से पहले के लेवल के करीब है।


खार्ग द्वीप से ऑयल की सप्लाई जारी है

ईरान में खार्ग द्वीप में टैकर्स में क्रूड ऑयल की लोडिंग होती रही है। ये टैंकर्स स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते चीन सहित दूसरे देशों को जाते रहे हैं। हाल में ईरान से क्रूड के एक्सपोर्ट से संबंधित गतिविधियां बढ़ी हैं। ईरान ने खाड़ी के दूसरे ऑयल उत्पादक देशों के क्रूड ऑयल के निर्यात के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर रखा है। इसका सीधा असर दुनिया में क्रूड ऑयल की सप्लाई पर पड़ा है। दुनिया में 20 फीसदी क्रूड का निर्यात होर्मुज के रास्ते होता है।

ईरान ने हमलों के बीच इनकम का स्रोत बनाए रखा है

अमेरिका और इजरायल के ईरान पर लगातार हमला करने के बावजूद तेहरान अपनी इनकम के स्रोत को बंद नहीं होने दिया है। उधर, अमेरिका सहित दूसरे देशों के लिए महंगा क्रूड बड़ी समस्या बनता दिख रहा है। माना जाता है कि क्रूड ऑयल को लेकर ईरान की रणनीति कामयाब रही है। वह क्रूड ऑयल को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है।

मार्च में ज्यादा कीमत पर किया ऑयल एक्सपोर्ट

कोलंबिया के सेंटर ऑन ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी में सीनियर रिसर्च स्कॉलर रिचर्ड नेफ्यू ने कहा, "ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन एक तरह से ईरान से तेल बेचने का प्रार्थना कर रहा है।" टैंकरट्रैकर्स डॉट कॉम के एक्सपोर्ट के अनुमान के मुताबिक, ईरान में मार्च में लाइट क्रूड ब्लेंड बेचकर अब तक रोजाना करीब 13.9 करोड़ डॉलर की कमाई की है। यह फरवरी के 11.5 करोड़ डॉलर से ज्यादा है। ईरान का क्रूड ब्रेंट के मुकाबले ज्यादा वैल्यूएबल बन गया है। इस हफ्ते की शुरुआत में इस पर सिर्फ 2.10 डॉलर प्रति बैरल का डिस्काउंट था। यह करीब एक साल में सबसे कम डिस्काउंट है।

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ईरान को लड़ाई के बीच पैसों की बहुत जरूरत है

क्रूड का हर बैरल ज्यादा कीमत पर बेचना ईरान के लिए काफी अहम है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान को काफी नुकसान हुआ है। ईरान को दोबारा अपनी इकोनॉमी को खड़ा करने के लिए काफी ज्यादा निवेश करना होगा। इसलिए जब इराक और कुवैत अपना उत्पादन घटाने को मजबूर हुए हैं और सऊदी अरब दूसरे रास्ते से ऑयल का एक्सपोर्ट कर रहा है तब ईरान अपना ऑयल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते एक्सपोर्ट कर रहा है।

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