Middle East War: मिसाइल खत्म भी हो जाएं, तब भी लंबी जंग लड़ सकता है ईरान! IRGC का 'Plan C' अमेरिका की उड़ा देगा नींद

US Israel Iran War: ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के रणनीतिकारों का मानना है कि अगर अमेरिका तेहरान में सरकार बदलने की कोशिश करता है, तो उसे सिर्फ हवाई हमलों से काम नहीं चलेगा। ऐसी स्थिति में अमेरिका को जमीन पर अपने सैनिक भी उतारने पड़ सकते हैं

अपडेटेड Mar 11, 2026 पर 12:52 PM
Story continues below Advertisement
Middle East War: तेहरान की सोच यह भी है कि लंबा युद्ध सिर्फ सैन्य ताकत का नहीं बल्कि राजनीतिक सहनशक्ति का भी इम्तिहान होता है

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को लेकर रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईरान की सैन्य योजना सिर्फ मिसाइल और हवाई हमलों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एक लंबी और जटिल लड़ाई की तैयारी भी कर रहा है।

ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के रणनीतिकारों का मानना है कि अगर अमेरिका तेहरान में सरकार बदलने की कोशिश करता है, तो उसे सिर्फ हवाई हमलों से काम नहीं चलेगा। ऐसी स्थिति में अमेरिका को जमीन पर अपने सैनिक भी उतारने पड़ सकते हैं।

जमीन पर युद्ध हुआ, तो रणनीति बदल सकती है


ईरान के सैन्य योजनाकारों का अनुमान है कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरान में तैनात होते हैं, तो उन्हें एक लंबे और महंगे गुरिल्ला युद्ध में उलझाया जा सकता है। यह रणनीति काफी हद तक उस स्थिति से मिलती-जुलती है, जो इराक युद्ध के बाद देखने को मिली थी, जब अमेरिकी सेना को कई साल तक विद्रोही हमलों का सामना करना पड़ा था।

ऐसे युद्धों में पारंपरिक सेना की जगह छोटे-छोटे विद्रोही समूह सक्रिय हो जाते हैं। वे अचानक घात लगाकर हमला करते हैं, सड़क किनारे बम विस्फोट करते हैं या आत्मघाती हमले जैसी रणनीतियों का इस्तेमाल करते हैं। इससे बड़ी और आधुनिक सेना को भी लंबे समय तक परेशान किया जा सकता है।

मिसाइलें खत्म हो जाएं तो भी लड़ाई जारी

रिपोर्टों के मुताबिक, ईरानी रणनीतिकार मानते हैं कि अगर युद्ध में उनकी मिसाइल क्षमता काफी हद तक नष्ट भी हो जाए, तब भी गुरिल्ला युद्ध और विद्रोही हमलों के जरिए लड़ाई जारी रखी जा सकती है। यानी पारंपरिक हथियारों के बिना भी संघर्ष को लंबे समय तक खींचा जा सकता है।

लंबी लड़ाई से अमेरिका पर दबाव

तेहरान की सोच यह भी है कि लंबा युद्ध सिर्फ सैन्य ताकत का नहीं बल्कि राजनीतिक सहनशक्ति का भी इम्तिहान होता है। अगर युद्ध लंबे समय तक चलता है, तो इससे अमेरिका पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

इसके साथ ही अमेरिकी जनता में युद्ध के खिलाफ माहौल बन सकता है और अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस भी लंबे समय तक विदेश में सैन्य अभियान पर खर्च करने से हिचक सकती है।

युद्ध और ज्यादा जटिल हो सकता है

हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि हालात वास्तव में उस दिशा में जाएंगे या नहीं। लेकिन ईरान की यह तैयारी दिखाती है कि यह संघर्ष सिर्फ हवाई हमलों और मिसाइलों तक सीमित नहीं रह सकता। समय के साथ यह एक लंबा, जटिल और कई स्तरों पर चलने वाला टकराव बन सकता है।

इराक में बगदाद एयरपोर्ट के पास अमेरिकी डिप्लोमेटिक सेंटर पर ड्रोन हमला, ईरान चुन-चुन कर बना रहा निशाना

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।