मिडिल ईस्ट में जंग की मार झेल रहे बेजुबान! पालतू जानवरों को पीछे छोड़कर भाग रहे लोग
Middle East War: रेस्क्यू एक्सपर्ट्स का कहना है कि सबसे अच्छा विकल्प यह है कि लोग अपने पालतू जानवरों को UAE में मौजूद कमर्शियल बोर्डिंग सुविधाओं में अस्थायी रूप से रख दें। वहां जानवरों को सुरक्षित रखा जा सकता है, जब तक कि मालिक वापस न लौट आएं या उन्हें विदेश ले जाने की व्यवस्था न कर लें
Middle East War: मिडिल ईस्ट में जंग की मार झेल रहे बेजुबान! पालतू जानवरों को पीछे छोड़कर भाग रहे लोग (IMAGE-AI)
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और मिसाइल हमलों के खतरे के बीच एक नई मानवीय समस्या सामने आ रही है। कई लोग इलाके छोड़कर जा रहे हैं और इसी अफरा-तफरी में बड़ी संख्या में पालतू जानवरों को छोड़ दिया जा रहा है। दुबई में काम करने वाले पशु बचाव संगठनों का कहना है कि हाल के दिनों में छोड़े गए जानवरों की संख्या अचानक बढ़ गई है। कई परिवार जल्दबाजी में इलाके से निकल रहे हैं और अपने कुत्ते, बिल्ली, मछलियां और कछुए तक पीछे छोड़ कर जा रहे हैं।
शेल्टरों पर बढ़ा दबाव
रिपोर्टों के मुताबिक, शहर के कई पशु शेल्टर और रेस्क्यू संगठन अचानक बढ़े मामलों से जूझ रहे हैं। खासकर K9 Friends जैसे समूहों का कहना है कि उन्हें बड़ी संख्या में पालतू जानवरों के मालिक फोन कर रहे हैं। कुछ लोग अपने जानवरों को शेल्टर में छोड़ना चाहते हैं, जबकि कुछ देश छोड़ने से पहले उनके लिए नया घर ढूंढने में मदद मांग रहे हैं।
पशु कल्याण संगठनों का कहना है कि यह स्थिति इसलिए भी बन रही है, क्योंकि कई लोग जल्दबाजी में देश छोड़ने की योजना बना रहे हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पालतू जानवरों को साथ ले जाने की जटिल प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है।
महंगा और जटिल है पालतू जानवरों को विदेश ले जाना
रेस्क्यू एक्सपर्ट्स का कहना है कि सबसे अच्छा विकल्प यह है कि लोग अपने पालतू जानवरों को UAE में मौजूद कमर्शियल बोर्डिंग सुविधाओं में अस्थायी रूप से रख दें। वहां जानवरों को सुरक्षित रखा जा सकता है, जब तक कि मालिक वापस न लौट आएं या उन्हें विदेश ले जाने की व्यवस्था न कर लें।
चौंकाने वाली मांग: स्वस्थ जानवरों को मारने की गुहार
दुबई के कई वेटनरी डॉक्टर ने एक और चिंताजनक बात बताई है। उनके अनुसार हाल में कुछ लोग अपने स्वस्थ पालतू जानवरों को “यूथेनेशिया” यानी मार देने की मांग लेकर भी क्लीनिक पहुंच रहे हैं।
बताया जा रहा है कि महंगे ट्रांसपोर्ट खर्च, लंबी कागजी प्रक्रिया और पालतू जानवरों के लिए सीमित फ्लाइट विकल्पों के कारण कुछ मालिक अपने जानवरों को साथ ले जाने के बजाय यह रास्ता अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आ रही तस्वीरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी कई तस्वीरें सामने आई हैं, जो इस समस्या की गंभीरता दिखाती हैं। कुछ तस्वीरों में कुत्तों को बिजली के खंभों से बांधकर छोड़ दिया गया है, जहां उनके पास न खाना है न पानी।
कुछ जगहों पर जानवरों को तेज गर्मी में सड़कों पर छोड़ दिया गया है। पशु कल्याण वालंटियर का कहना है कि उन्हें कई घरों के बाहर या शेल्टरों के पास क्रेट में बंद बिल्ली और पिल्ले भी मिले हैं।
एक मामले में एक रेस्क्यू कार्यकर्ता को एक घर के बाहर एक क्रेट में बंद एक बिल्ली और उसके चार बच्चे मिले, जिन्हें किसी ने वहां छोड़ दिया था।
मदद के लिए आगे आ रहे लोग
रेस्क्यू संगठनों का कहना है कि वे अब अस्थायी शेल्टर और फोस्टर घरों की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि छोड़े गए जानवरों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
स्थानीय सोशल मीडिया समूहों में भी सैकड़ों पोस्ट सामने आ रही हैं, जिनमें स्वयंसेवक जानवरों की तस्वीरें साझा कर रहे हैं और लोगों से उन्हें गोद लेने या अस्थायी रूप से देखभाल करने की अपील कर रहे हैं।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि क्षेत्र से सड़क मार्ग से निकलने की कोशिश कर रहे कुछ लोगों ने Oman सीमा की ओर जाने वाले रेगिस्तानी रास्तों पर भी पालतू जानवरों को छोड़ दिया है।
संकट में सबसे ज्यादा असहाय जानवर
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि युद्ध, अस्थिरता और पलायन के समय घरेलू जानवर सबसे ज्यादा असहाय हो जाते हैं।
पहले से ही भरे हुए शेल्टरों के लिए अचानक आए इतने जानवरों की देखभाल करना बड़ी चुनौती बन गया है। यह स्थिति एक कड़वी सच्चाई भी याद दिलाती है-घबराहट और अनिश्चितता के समय अक्सर सबसे बेबस साथी, यानी पालतू जानवर, पीछे छूट जाते हैं।