ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर मिसाइल से हमला किया है। यह जानकारी ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने दी है। ईरानी सेना के मुताबिक, इस हमले में क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। ईरान के नौसेना कमांडर शहराम ईरानी ने कहा कि उनकी नजर लगातार अब्राहम लिंकन की हरकतों पर बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि जब-जब यह जहाज ईरान की मिसाइलों की रेंज में आएगा, तब-तब उस पर हमला किया जाएगा।
ये दावा ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए 15 पॉइंट का एक प्रस्ताव दिया है, ऐसा अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है। The New York Times के मुताबिक, इस प्लान में ईरान से कहा गया है कि वह अपने देश में यूरेनियम संवर्धन (enrichment) पूरी तरह बंद करे, अपने परमाणु प्लांट बंद करे और होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए खुला रास्ता बनाए।
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब अमेरिका एक तरफ बातचीत की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ सैन्य तैयारी भी बढ़ा रहा है।
सैन्य तैयारी और सख्त बयान
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सख्त लहजे में कहा, “हम बम के साथ बातचीत कर रहे हैं।” पेंटागन मिडिल ईस्ट में करीब 3,000 सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है, जो 82nd एयरबोर्न डिवीजन से होंगे। Fox News और The Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तैनाती के आदेश जल्द दिए जा सकते हैं।
अमेरिका खार्ग द्वीप जैसे अहम इलाकों पर कब्जा करने जैसे ऑप्शन पर भी विचार कर रहा है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल पर मिसाइल हमले किए। एक मिसाइल बेनी ब्रेक शहर में गिरी, जिसमें कम से कम 7 लोग घायल हो गए और काफी नुकसान हुआ।
ईरान के परमाणु विभाग ने यह भी बताया कि बुशेहर न्यूक्लियर प्लांट पर अमेरिका-इजरायल के हमले हुए, लेकिन इसमें कोई बड़ा नुकसान या हताहत नहीं हुआ।
ईरान का कड़ा रुख और ट्रंप का दावा
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि “अंतरराष्ट्रीय कानून अब सिर्फ नाम का रह गया है।”